टैरिफ-टैरिफ करने वाले ट्रंप की पुतिन ने खोलकर रख दी पोल
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के साथ जारी व्यापार तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ संबंधी फैसलों पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि तमाम प्रतिबंधों और शुल्कों के बावजूद अमेरिका रूस से यूरेनियम खरीद रहा है और इससे रूस को बड़ा मुनाफा होगा। पुतिन ने वल्दाई डिस्कशन क्लब के प्लेनरी सेशन में कहा कि रूस, अमेरिका को यूरेनियम सप्लाई करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है और 2025 में इससे लगभग 1.2 अरब डॉलर कमाई की उम्मीद है। अमेरिका के न्यूक्लियर फ्यूल का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा एक अमेरिकी-यूरोपीय कंपनी सप्लाई करती है, जबकि रूस की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत है। पुतिन ने चेतावनी दी कि अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद करता है, तो उसे 9 से 10 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा। पुतिन ने कहा कि भारत जैसे देश में लोग अपने नेताओं के फैसलों पर नजर रखते हैं और वे कभी नहीं चाहेंगे कि उनका देश किसी के सामने झुके। पुतिन ने यह भी कहा कि रूसी तेल के बिना दुनिया की भी अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा और यदि इसकी आपूर्ति बंद हो जाती है तो तेल की कीमतें प्रति बैरल 100 डॉलर से भी ऊपर बढ़ सकती हैं।
पुतिन ने मोदी का दोस्त बताते हुए कहा कि वह उनके साथ भरोसे के साथ बातचीत कर सकते हैं। रूसी राष्ट्रपति ने दिसंबर की शुरुआत में होने वाली अपनी भारत यात्रा को लेकर खुशी जताई। उन्होंने अपनी सरकार को यह भी निर्देश दिया कि भारत के बड़े पैमाने पर कच्चे तेल खरीदने की वजह से जो व्यापार असंतुलन बना है, उसे दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। पुतिन ने कहा कि भारत चाहे तो व्यापार असंतुलन को ठीक करने के लिए रूस से और ज्यादा कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है। अपने भाषण में पुतिन ने अमेरिका पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देशों पर रूसी ऊर्जा न खरीदने का दबाव डालता है, जबकि खुद यूरेनियम के लिए रूस पर निर्भर है। पुतिन ने कहा कि रूस, अमेरिका को यूरेनियम देना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमसे यह इसलिए खरीदता है क्योंकि इसमें उसका फायदा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में रूस ने अमेरिका को यूरेनियम बेचकर करीब 800 मिलियन डॉलर कमाए थे। पुतिन ने बताया कि 2025 की पहली छमाही में ही यह आंकड़ा 800 मिलियन डॉलर पार कर गया है और पूरे साल की कमाई लगभग 1.2 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप की टैरिफ नीति के चलते कई देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। लेकिन तमाम प्रतिबंधों के बावजूद अमेरिका रूस से यूरेनियम खरीद रहा है। अब पुतिन ने अमेरिका के इसी डबल स्टैंडर्ड पर तंज कसा है।
अमेरिका का डबल स्टैंडर्ड
ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था और अगस्त के आखिर में इसे दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया। उनका तर्क था कि यह फैसला भारत को रूस से तेल खरीदने की सजा देने के लिए है, क्योंकि वॉशिंगटन का दावा है कि रूस का तेल राजस्व यूक्रेन युद्ध को जारी रखने में मदद कर रहा है। जबकि हकीकत यह है कि रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार भारत नहीं, बल्कि चीन है। ट्रंप ने यूरोपीय देशों से बार-बार कहा है कि वे रूस से तेल और गैस खरीदना बंद करें। लेकिन विडंबना यह है कि अमेरिका खुद रूस से केमिकल्स, यूरेनियम और फर्टिलाइजर्स खरीदता आ रहा है।
रूस से क्या-क्या खरीद रहे पश्चिमी देश
बता दें कि भारत ने अगस्त में ही पश्चिमी देशों के रूस के साथ जारी व्यापार की डिटेल्स सामने रखी थीं, जब ट्रंप और उनके सहयोगियों ने आरोप लगाया था कि नई दिल्ली रूस-यूक्रेन युद्ध से मुनाफा कमा रहा है। विदेश मंत्रालय ने बताया था कि पिछले साल यूरोपीय संघ का रूस के साथ 68 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। इसके अलावा, अमेरिका ने अपनी न्यूक्लियर इंडस्ट्री के लिए रूस से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पैलेडियम भी आयात किया था।
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