कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने चीन पर गंभीर आरोप लगाए
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी जहां एक तरफ अपने बयान और एक्शन की वजह से सुर्खियों में रहती है. वहीं अब कनाडा के विदेश मंत्री मेलानी जोली की भी यूरोप से लेकर अमेरिका और एशिया तक चर्चा शुरू हो गई है. दरअसल, मेलानी जोली ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चीन पर गंभीर आरोप लगाया है.
जोली का कहना है कि ड्रग्स तस्करी के आरोप में चीन ने 4 कनाडाई नागरिकों को फांसी पर चढ़ा दिया. मेलानी का कहना था कि चीन ने फांसी देने में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन नहीं किया.
चीन से अमेरिका तक पर हमलावर
एक हफ्ते पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मेलानी जोली ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा था. जोली का कहना था कि ट्रंप के शासन में कोई भी अमेरिकी सुरक्षित नहीं है. मेलानी ने टैरिफ को लेकर भी ट्रंप पर जमकर निशाना साधा था.
ट्रंप को निशाने पर लेने के बाद मेलानी ने चीन पर भी हमला बोला है. चीन में चल रहे मानवाधिकार हनन पर मेलानी ने पूरी दुनिया को अलर्ट किया है.
कनाडा की मेलानी जोली कौन हैं?
कनाडा के विदेश मंत्री मेलानी जोली 46 वर्ष की हैं. जोली ने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2013 में की थी. जोली ऑक्सफोर्ट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर चुकी हैं. 2015 में पहली बार कनाडा संसद की जोली सदस्य बनी.
कनाडा की राजनीति में जोली को जस्टिन ट्रूडो का करीबी माना जाता है. ट्रूडो की ही सरकार में मेलानी को विदेश विभाग की कुर्सी मिली थी. जोली तेजतर्रार बोलने के लिए सुर्खियों में रहती हैं.
मेलानी जोली अब तक तीन बार कनाडा संसद के चुनाव में उतर चुकी हैं. तीनों ही चुनाव में उन्हें जीत मिली. जोली राजनीति में आने से पहले पेशे से वकील थी. वे कनाडा के पर्यटन विभाग में भी काम कर चुकी हैं.
जोली को कनाडा की सियासत में पीएम पद का दावेदार भी माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने टैरिफ की लड़ाई लड़ने के लिए खुद को पीएम पद की दावेदारी से अलग कर लिया, जिसके बाद मार्क कार्नी पीएम पद के लिए नामित हुए.
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