Sanjay Raut का बड़ा आरोप: 15 करोड़ एडवांस का दावा
मुंबई: तृणमूल कांग्रेस के बाद अब विपक्षी खेमे की एक और प्रमुख पार्टी शिवसेना (यूबीटी) पर बगावत के बादल मंडराने लगे हैं। राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे नीत पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह से सात सांसद सत्ताधारी शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। इस बड़े संकट के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जो भी नेता पार्टी छोड़ना चाहता है, वह खुशी-खुशी जा सकता है।
पार्टी के कई सांसदों के फोन अचानक बंद होने और उनसे संपर्क न हो पाने के कारण उद्धव गुट में हड़कंप मच गया है। इस संभावित टूट को रोकने के लिए खुद उद्धव ठाकरे और शीर्ष नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है।
सांसदों को खरीदने के लिए 15 करोड़ रुपये एडवांस देने का सनसनीखेज दावा
इस सियासी उठापटक के बीच शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलवाने के लिए 15 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि (एडवांस) दी जा रही है। उन्होंने अपनी पोस्ट में इसे बेहद घृणास्पद बताया।
सूत्रों के मुताबिक, बगावत की मुख्य वजह पार्टी के भीतर आदित्य ठाकरे का कद और वरिष्ठता बढ़ाए जाने की योजना को माना जा रहा है, जिससे कई वरिष्ठ सांसद असहज हैं। आगामी 19 जून को अविभाजित शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर आदित्य ठाकरे को लेकर एक बड़ी घोषणा होने वाली थी, जिसके ठीक पहले यह असंतोष फूट पड़ा।
लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अरविंद सावंत ने चली कानूनी चाल
बगावत की इन तेज अटकलों के बीच शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि लोकसभा में शिवसेना (उबाठा) ही एकमात्र मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी है।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि यदि कोई बागी गुट अलग समूह के रूप में मान्यता या विशेषाधिकार का दावा करता है, तो उसे तब तक कोई मंजूरी न दी जाए जब तक मूल पार्टी को अपना पक्ष रखने का मौका न मिले। पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि पार्टी संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने के लिए कानूनी कदम उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखती है।
बैठक से नदारद रहे सांसदों को मनाने के लिए दिल्ली में आपात बैठक और व्हिप जारी
इस संकट की शुरुआत तब हुई जब रविवार को उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में नौ में से केवल चार सांसद ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए थे। हालांकि, संजय राउत ने दावा किया कि बाकी सांसदों ने ऑनलाइन या फोन के माध्यम से हाजिरी लगाई थी, लेकिन सांसदों की अनुपस्थिति ने बगावत की खबरों को हवा दे दी।
हालात को काबू में करने के लिए पार्टी ने अब नई दिल्ली में अपने संसदीय दल की एक आपात बैठक बुलाई है और सभी सांसदों को शामिल होने के लिए कड़ा 'व्हिप' जारी किया है। संजय राउत खुद अचानक दिल्ली पहुंच चुके हैं ताकि सांसदों को पाला बदलने से रोका जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति में लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष पार्टी का मजबूत पक्ष रखा जा सके।
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