कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार (30 जुलाई) को पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की। इसमें कई सदस्यों ने राहुल गांधी को फिर से पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की। सूत्रों के मुताबिक, तीन घंटे तक चली बैठक में रिपुन बोरा, पीएल पूनिया, छाया वर्मा तथा कुछ अन्य सदस्यों ने राहुल को फिर से पार्टी की कमान सौंपने की पैरवी की।

बैठक से अवगत एक सूत्र ने कहा कि कई सदस्यों ने कहा कि मौजूदा समय में पार्टी कार्यकर्ताओं की भावना है कि राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाए। इन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ही विपक्ष में इकलौती आवाज हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दे रहे हैं।

वहीं बैठक की शुरुआत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, कि राजस्थान के राज्यपाल भाजपा के इशारे पर काम कर रहे है, जिससे लोकतंत्र की गरिमा तार-तार हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना को रोकने पर सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। इससे पहले 11 जुलाई को सोनिया ने कांग्रेस के लोकसभा सदस्यों के साथ ऑनलाइन बैठक की थी। उस बैठक में भी पार्टी के कई सांसदों ने राहुल गांधी को फिर से पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देने की मांग की थी।

गौरतलब है कि पिछले साल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद राहुल गांधी ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था। सोनिया की अगुवाई में हुई इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, जयराम रमेश और कई अन्य राज्यसभा सदस्य मौजूद थे।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला
इस बैठक में पार्टी सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बैठक में कपिल सिब्बल ने पार्टी के अंदर समन्वय का जिक्र किया। उनका कहना था कि पार्टी में कोई समन्वय नही है। उन्होंने पार्टी को कुछ और नसीहत भी दी। इस पर गुजरात के प्रभारी और महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद राजीव सातव ने सख्त ऐतराज जताया। सूत्रों के मुताबिक राजीव सातव ने कहा कि जिनकी वजह से पार्टी की यह स्थिति हुई है, वह लोग समन्वय और कार्यकर्ताओं की बात कर रहे है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार की वजह से पार्टी 44 सीट पर पहुंच गई। उन्होंने यूपीए- दो सरकार को लेकर कई और टिप्पणियां कीं।

राजस्थान संकट पर भी चर्चा
बैठक में कोरोना महामारी के हालात, राजस्थान संकट समेत मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति, लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध और अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा हुई। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था की स्थिति पर अपनी बात रखी। पार्टी के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि हमने चर्चा की है कि कैसे राजस्थान में संवैधानिक परंपराओं का उल्लंघन हो रहा है।