ग्वादर। पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान के ग्वादर क्षेत्र में कोस्ट गार्ड्स के एक प्रमुख कैंप पर भीषण आत्मघाती हमला हुआ है। इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। उग्रवादी गुट का दावा है कि इस बड़े हमले में पाकिस्तानी अर्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री) के 30 से अधिक जवान ढेर हो गए हैं और बड़ी संख्या में अन्य सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। संगठन द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, विस्फोटकों से पूरी तरह लदे एक ट्रक ने जिवानी इलाके में स्थित पनवान कोस्ट गार्ड बेस को निशाना बनाया, जिसे उन्होंने एक सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम दिया गया 'आत्मघाती वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस' (SVBIED) हमला करार दिया है।

फतेह स्क्वाड का धावा और भारी तबाही का दावा

BLA के प्रवक्ता जीयांद बलोच ने अपने आधिकारिक संदेश में दावा किया है कि इस अत्यंत शक्तिशाली धमाके के चलते कोस्ट गार्ड का अभेद्य माना जाने वाला सैन्य कैंप पूरी तरह जमींदोज होकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। प्रवक्ता के अनुसार, आत्मघाती वाहन विस्फोट के ठीक बाद संगठन के विशेष लड़ाकू दस्ते 'फतेह स्क्वाड' ने मोर्चा संभाला और कैंप को चारों तरफ से घेरकर बचे हुए सुरक्षाकर्मियों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। उग्रवादी संगठन का कहना है कि इस दोहरे हमले ने बेस को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है, जिससे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जनधन का व्यापक नुकसान उठाना पड़ा है।

वीडियो फुटेज जारी और हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका

संगठन की प्रचार इकाई (मीडिया विंग) 'हक्कल' की तरफ से इस खौफनाक वारदात का एक 43 सेकंड का वीडियो फुटेज भी इंटरनेट पर प्रसारित किया गया है। इस वीडियो में कथित तौर पर बारूद से लदे एक संदिग्ध ट्रक को कोस्ट गार्ड परिसर के भीतर प्रवेश करते और उसके ठीक बाद एक गगनचुंबी आग के गोले व धुएं के गुबार में बदलते हुए देखा जा सकता है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि मलबे के भीतर बहुत से सैनिकों के दबे होने और सैन्य अस्पताल में भर्ती जख्मियों की अत्यंत नाजुक हालत को देखते हुए मरने वाले पाकिस्तानी जवानों का आंकड़ा अभी और ज्यादा बढ़ सकता है।

पाकिस्तानी हुक्मरानों की चुप्पी और संगठन का इतिहास

इस भीषण सैन्य तबाही और दर्जनों सैनिकों की मौत के इतने बड़े दावे के बावजूद पाकिस्तानी प्रशासनिक अधिकारियों या सेना की मीडिया विंग की तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही इस घटना पर फिलहाल कोई औपचारिक वक्तव्य सामने आया है। गौरतलब है कि बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) क्षेत्र का एक प्रमुख प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन है, जो बलूचिस्तान की आजादी की मांग को लेकर लंबे समय से पाकिस्तानी सेना, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और वहां चल रही चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लगातार निशाना बनाता रहा है।