अमेरिकी कोर्ट का बड़ा फैसला, जन्मसिद्ध नागरिकता मामले में ट्रंप प्रशासन को राहत नहीं
वाशिंगटन: अमेरिका में जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए एक ऐतिहासिक फैसले के बाद देश के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गहरी मायूसी जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन इस संवेदनशील विषय पर अपने सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों की समीक्षा करना जारी रखेगा। वेंस ने जोर देकर कहा कि देश की आव्रजन (इमिग्रेशन) नीति में कड़े बदलाव लाने और सुरक्षा को पुख्ता करने के प्रयास रुकेंगे नहीं, बल्कि उन्हें नए सिरे से जारी रखा जाएगा।
शीर्ष अदालत के फैसले को बताया निराशाजनक
एक हालिया साक्षात्कार के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस रुख को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन अमेरिकी आव्रजन प्रणाली में सुधार लाने के अपने बड़े एजेंडे को अमलीजामा पहनाने के लिए सभी आवश्यक कानूनी और संवैधानिक रास्तों पर निरंतर काम करता रहेगा। गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस विवादास्पद कार्यकारी आदेश (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर) को पूरी तरह निरस्त कर दिया था, जिसके जरिए जन्मसिद्ध नागरिकता के मौजूदा दायरे को सीमित करने की कोशिश की गई थी। इस अदालती फैसले को ट्रंप सरकार की सख्त आव्रजन नीतियों के लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है।
पहले ही दिन जारी हुआ था कार्यकारी आदेश
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के पहले ही दिन एक बड़ा कदम उठाते हुए इस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इस आदेश के तहत यह कड़ा नियम बनाने का प्रयास किया गया था कि अमेरिका में अवैध रूप से निवास कर रहे या केवल अस्थायी वीजा पर आए विदेशी माता-पिता के बच्चों को जन्म के आधार पर स्वतः (ऑटोमैटिक) अमेरिकी नागरिकता का अधिकार नहीं दिया जाएगा। तत्कालीन सरकार ने दलील दी थी कि इस तरह के कड़े कदम से देश में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध आव्रजन पर लगाम कसी जा सकेगी।
संविधान के 14वें संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर
प्रशासन के इस आदेश के आते ही कई अमेरिकी राज्यों और नागरिक अधिकार संगठनों ने इसके खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया था। निचली अदालतों द्वारा इस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने के बाद, ट्रंप प्रशासन ने राहत के लिए देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) का रुख किया था। सरकार ने शीर्ष अदालत से जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता की सदियों पुरानी व्यवस्था को खत्म करने की अनुमति मांगी थी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में देश के संवैधानिक प्रावधानों को सर्वोपरि रखते हुए ट्रंप प्रशासन की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद अब अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाले हर बच्चे को पुरानी संवैधानिक व्यवस्था के तहत नागरिकता का अधिकार मिलता रहेगा। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह रुख अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन की मूल व्याख्या को एक बार फिर पुष्ट करता है, जो आने वाले समय में देश की आव्रजन राजनीति और कानूनी बहसों को नई दिशा देगा।
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