चीन की सस्ती EV ने ऑटो बाजार में मचाई हलचल
नई दिल्ली। चीन के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार ने अपनी किफायती कीमतों से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में 25,000 डॉलर (लगभग 21 लाख रुपये) से कम कीमत वाले 200 से अधिक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडल बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
क्या वाकई अमेरिका की एक कार की कीमत में चीन में कई EV आ सकती हैं?
जी हां, आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि अमेरिका में एक नई कार की जो औसत कीमत है, उतने बजट में चीन में कई इलेक्ट्रिक गाड़ियां एक साथ खरीदी जा सकती हैं। हालांकि, ये बेहद सस्ते मॉडल फिलहाल अमेरिकी या अन्य विदेशी बाजारों में उपलब्ध नहीं हैं और सुरक्षा मानकों या व्यापारिक नीतियों के कारण भविष्य में भी इनके वहां पहुंचने की उम्मीद कम है।
चीन की सबसे लोकप्रिय और किफायती इलेक्ट्रिक कारें
चीन के बाजार में कुछ ऐसे मॉडल हैं जो अपनी कम कीमत के कारण ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं:
-
Wuling Hongguang MiniEV: इसकी शुरुआती कीमत मात्र $6,560 (करीब 5.5 लाख रुपये) है। यह छोटी कार शहरी इलाकों में आवाजाही के लिए सबसे किफायती विकल्प मानी जाती है।
-
Geely EX2: इसकी कीमत $10,060 से शुरू होती है। यह एक कॉम्पैक्ट ईवी है जो अपने आधुनिक फीचर्स के लिए मशहूर है।
-
BYD Seagull: इसकी कीमत $10,200 के आसपास है। आकर्षक डिजाइन और शानदार रेंज की वजह से इसने बाजार में सनसनी फैला दी है।
-
BYD के अन्य मॉडल: इसमें Yuan UP ($10,945) और Qin Plus DM ($11,675) जैसे मॉडल भी शामिल हैं।
BYD का एकछत्र राज
इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में BYD चीन की सबसे बड़ी कंपनी बनकर उभरी है। कंपनी के तीन प्रमुख मॉडल, जिनकी कीमत 12,000 डॉलर से कम है, उन्होंने पिछले एक साल में 7 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेची हैं। विशेष रूप से 'सीगल' मॉडल ने अपनी परफॉर्मेंस और कम दाम से वैश्विक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है।
बजट कारों में भी मिलते हैं हाई-टेक फीचर्स
कम कीमत होने के बावजूद चीन की इन इलेक्ट्रिक कारों में फीचर्स से कोई समझौता नहीं किया गया है। इनमें शामिल हैं:
-
बड़ा इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन।
-
फास्ट चार्जिंग और बेहतर बैटरी बैकअप।
-
ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम और ऑटोमैटिक लेन चेंज।
-
उन्नत कनेक्टिविटी फीचर्स।
वैश्विक बाजार और भारत पर प्रभाव
चीन की इन सस्ती कारों की बढ़ती पहुंच वैश्विक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है।
-
प्रतिस्पर्धा: यदि ये किफायती वाहन अन्य देशों के बाजारों में प्रवेश करते हैं, तो स्थानीय कंपनियों पर कीमतें घटाने का भारी दबाव होगा।
-
बदलाव का संकेत: यह ट्रेंड स्पष्ट करता है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियां न केवल तकनीक में उन्नत होंगी, बल्कि आम आदमी की जेब के दायरे में भी होंगी।
एक्शन में सीएम मोहन यादव: अचानक खरगोन के गेहूं खरीदी केंद्र पहुंचे, व्यवस्थाओं को देख अधिकारी रह गए हैरान
बीजेपी का 'मिशन यूथ': नई टीम में 50 से कम उम्र के चेहरों पर दांव, पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी को कमान
मध्यप्रदेश की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह
सिर पर पानी की बाल्टी, जान जोखिम में डालकर सड़क पार
अखंड प्रचण्ड पुरुषार्थी आशीष ऊषा अग्रवाल