दक्षिण एशिया में बढ़ी अमेरिकी सक्रियता, श्रीलंका दौरे पर पहुंचे सर्जियो गोर
कोलंबो। अमेरिका के दक्षिण एशिया के विशेष दूत सर्जियो गोर अपनी पहली क्षेत्रीय यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे हैं। इस यात्रा को विशेषज्ञ हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता के रूप में देख रहे हैं।
अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान को लेकर वैश्विक तनाव बढ़ा हुआ है। माना जा रहा है कि अमेरिका इस पूरे क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और प्रभाव को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। गोर जल्द ही मालदीव का भी दौरा करेंगे और इसके बाद उनके बांग्लादेश और पाकिस्तान जाने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने इस दौरे पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यात्रा से पहले गोर ने अजीत डोभाल से मुलाकात की थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
श्रीलंका की स्थिति भी इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका ने अपनी “तटस्थ नीति” का पालन करते हुए अमेरिकी दबाव के बावजूद ईरान से जुड़े कुछ मुद्दों पर स्वतंत्र रुख अपनाया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीलंका रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
पूर्व विदेश सचिव निरुपमा मेनन राव ने इस यात्रा को कोई बड़ी सफलता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत बताया है। उनके अनुसार, हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका अपनी मौजूदगी को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। गोर की यात्रा के दौरान उन्होंने कोलंबो पोर्ट, नौसैनिक अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थलों का दौरा किया। हालांकि इस दौरे में कोई बड़ा समझौता सामने नहीं आया है, लेकिन इसे भविष्य की रणनीतिक साझेदारी की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
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