बढ़ते खर्चों पर लगाम: सरकार ने नई गाड़ियों और दफ्तरों की खरीद पर लगाई रोक
भोपाल। लाड़ली बहना योजना, कर्मचारियों के वेतन-भत्तों और पेंशन पर हो रहे भारी खर्च को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक मंत्रियों और अधिकारियों के लिए नई गाड़ियों की खरीद, दफ्तरों में एसी लगाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्नीचर की खरीदी पर रोक लगाने का फैसला किया है. इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वर्ष 2025-26 में इन मदों के लिए कोई बजट आवंटन प्रस्तावित न किया जाए।
लाड़ली बहना योजना पर खर्च हो रहा हर महीने 1800 करोड़
सरकार का कहना है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखने और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण के लिए यह कदम जरूरी हो गया है. लाड़ली बहना योजना पर सरकार को हर महीने करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि वेतन और पेंशन पर मासिक व्यय लगभग 5 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. अन्य मदों को जोड़ दिया जाए तो सरकार का कुल मासिक खर्च करीब 10 हजार करोड़ रुपये हो रहा है, जिससे वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है।
इस साल बजट की प्रक्रिया जीरो बेस्ट प्रणाली पर
निर्देश में कहां गया है कि आगामी 16 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है ,इस दौरान आम बजट के साथ चालू वित्तीय वर्ष का थर्ड सप्लीमेंट्री बजट भी लिया जाएगा. इसमें नई गाड़ियां समेत अन्य खरीदी के प्रस्ताव विभागों के द्वारा ना भेजे जाएंगे, साथ ही तत्काल प्रभाव से खरीदी पर रोक लगाई और इस दिशा को सप्लीमेंट्री बजट में समाहित न करवाए जाए. राज्य सरकार ने इस साल बजट निर्माण की प्रक्रिया में जीरो बेस्ट बजट प्रकिया के आधार पर ही है, इसमें वास्तविक खर्च के अनुसार ही जीरो बेस्ट बजट सभी मदों की समीक्षा के बाद तैयार किया जा रहा है. साथ ही आगामी बजट रोलिंग बजट तैयार किया जा रहा है ,जिसमें आगामी 3 सालों का बजट तैयार किया जा रहा है।
होर्मुज विवाद पर बढ़ा तनाव, Iran पर भरोसा नहीं: United Arab Emirates
ब्रिटिश किंग से मिले न्यूयॉर्क मेयर Zohran Mamdani, कोहिनूर पर बयान चर्चा में
पश्चिम बंगाल में 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग का आदेश
चुनाव नतीजों के बाद बड़ा एक्शन, Ratna Ghosh पूछताछ के लिए तलब
60 यात्रियों से भरी बस पलटी, बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान जा रहे थे श्रद्धालु