गुवाहाटी में पीएम मोदी का बड़ा आरोप, कहा– कांग्रेस ने असम को खोखला करने की कोशिश की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (19 दिसंबर, 2025) को असम के गुवाहाटी में एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के लिए असम और पूर्वोत्तर का विकास उनके एजेंडे में ही नहीं था, बल्कि असम को ईस्ट पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की साजिश रची जा रही थी |
उन्होंने कहा, “कांग्रेस की सरकारों में बैठे लोग कहते थे कि असम और पूर्वोत्तर में जाता ही कौन है? उनकी सोच थी कि असम और पूर्वोत्तर को आधुनिक एयरपोर्ट, बेहतर रेलवे और हाईवे की क्या जरूरत है. इसी सोच की वजह से कांग्रेस ने दशकों तक इस पूरे क्षेत्र की उपेक्षा की |
मेरे लिए असम का विकास जिम्मेदारी है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कांग्रेस 6-7 दशकों तक गलतियां करती रही, मोदी एक-एक करके उन गलतियों को सुधार रहा है. मेरे लिए असम का विकास जरूरत भी है, जिम्मेदारी भी है और इसकी जवाबदेही भी है. इसलिए पिछले 11 सालों में असम, पूर्वोत्तर के लिए लाखों-करोड़ो की परियोजनाएं शुरू हुई हैं. असम भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने में नंबर एक राज्य बना है. कांग्रेस के समय असम में बिना पर्ची, बिना खर्ची के सरकारी नौकरी मिलना असंभव था, लेकिन आज यहां हजारों युवाओं को बिना पर्ची, बिना खर्ची के नौकरी मिल रही है |
हिंसाग्रस्त माने जाने वाले जिले आज विकसित हो रहे- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस सरकारों के दौरान हिंसा का दौर बिना किसी रोक-टोक के लगातार बढ़ता रहा. अब हम महज 10 दिनों के भीतर इसे समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. पूर्वोत्तर में जिन इलाकों में कभी हिंसा और खून-खराबा देखा जाता था, आज वहां 4G और 5G टेक्नोलॉजी के जरिए डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंच रही है. जो जिले कभी हिंसाग्रस्त माने जाते थे, आज वे आकांक्षी जिले के रूप में विकसित हो रहे हैं |
उन्होंने कहा, “आने वाले समय में यही इलाके इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी बनेंगे. इसी वजह से आज नॉर्थ ईस्ट को लेकर एक नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है और हमें इसे और भी मजबूत करना होगा |
Sonu Sood का सवाल: बरगी क्रूज हादसे पर कब रुकेगा मौत का सिलसिला?
IPL में इतिहास रचने की चाह, राहुल बोले- धोनी से प्रेरणा
Swati Maliwal का बयान: मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग
Harbhajan Singh का बयान: जनता के लिए लड़ना था, अब Y सिक्योरिटी पर सवाल