भारत-पाक तनाव को 'मिनी वॉर' कहा जा सकता है: पूर्व वायुसेना अधिकारी नंद किशोर
भुवनेश्वर। ऑपरेशन सिंदूर और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर मौजूदा तनाव पर विंग कमांडर (सेवा निवृत्त) नंद किशोर ने शुक्रवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच के इस तनाव को मिनी वॉर कहा जा सकता है – एक ऐसी स्थिति जिसमें लक्षित, पूर्व-नियोजित कार्रवाइयों को सटीकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है।
वायु सेना से सेवानिवृत्त विंग कमांडर नंद किशोर ने कहा कि सरकार ने जानबूझकर केवल उन लोगों पर हमला करने का फैसला किया है जिन्होंने देश को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान खास तौर पर उन शिविरों को निशाना बनाया गया है जो हाल की हत्याओं के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को पनाह देते हैं। उन्होंने कहा कि केवल एक शिविर को नष्ट करना पर्याप्त नहीं है। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहनी चाहिए जब तक हम पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हो जाते कि नियंत्रण रेखा पर कोई और खतरा नहीं बचा है।
उन्होंने कहा कि स्थिति अब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के स्तर तक बढ़ गई है। यह अब सिर्फ सीमा पर झड़प नहीं रह गई है। यह अब युद्ध बन गया है। लेकिन भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान पूरी तरह से तैयार हैं। हमने शांतिकाल का इस्तेमाल अपने सिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रभावी ढंग से किया है। हमारी वायु रक्षा मजबूत है और किसी भी मिसाइल खतरे को बेअसर करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि हमारे लड़ाकू विमान पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों से बेहतर हैं और हमारी ऑपरेशनल तैयारी कहीं अधिक उन्नत है।
पूर्व सैन्य अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान में मनोबल अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। रिपोर्टों से पता चलता है कि पाकिस्तान का प्रशासनिक ढांचा ढहने की कगार पर है। विश्व समुदाय भारत के समर्थन में एकजुट है क्योंकि यह स्पष्ट रूप से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के अंदर भी मुस्लिम समुदाय सरकार के साथ खड़ा है। वे समझते हैं कि सरकार की कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्य से है और सरकार तथा सेना द्वारा उठाए जा रहे कदमों का समर्थन कर रहे हैं।
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