सवाल दर सवाल

सावन का महीना ‘दतिया’ में बम भोले का शोर

दतिया से राकेश अग्निहोत्री@mplive24

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मां पीतांबरा की नगरी दतिया में इन दिनों सावन के महीने में शिवलिंग का निर्माण न सिर्फ लोगों को लुभा रहा है बल्कि आनंद की अनुभूति भी करा रहा है। सुदूर क्षेत्रों से उमड़ा जनसैलाब हो या फिर वीआईपी के तौर पर नेता और खबरनवीस सभी आस्था के इस महाकुंभ में ‘हर-हर बम-बम’ कर रहे हैं। सियासत पर आस्था भारी तो खास लोगों के बीच आम आदमी की भी पूछपरख देखी जा सकती है। विपरीत मौसम खासतौर से बारिश धर्मावलंबियों का न तो मनोबल तोड़ पाई और न ही उनके इरादों को प्रभावित कर पाई। मेजबान की भूमिका में दतिया के विधायक और शिवराज कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री नरोत्तम मिश्रा की लोकप्रियता में दद्दाजी देवप्रभाकर शास्त्री के समर्थकों ने जो इजाफा किया है वह गौर करने लायक है, क्योंकि यहां दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर व्यक्ति कुछ पुण्य कमा लेना चाहता है।
दतिया का अपना गौरवशाली इतिहास है तो मां पीतांबरा की नगरी में देश के अतिविशिष्ट लोगों का आना-जाना हमेशा लगा रहता है लेकिन इन दिनों शहर में ‘हर-हर महादेव’ की गूंज है। यूट्यूब, बैनर, पोस्टर में दद्दाजी देवप्रभाकर शास्त्री के साथ नरोत्तम मिश्रा और दूसरे नेता छाए हुए हैं लेकिन पीले झंडों की भरमार एक नई कहानी बयां करती है। सुबह 6 बजे से ही सड़कों पर जो हुजूम नजर आता है वह बस स्टैंड के पास स्टेडियम की ओर जाता हुआ दिखाई देता है जहां 5 अगस्त से पार्थिव शिवलिंग निर्माण और महारुद्राभिषेक का कार्यक्रम दद्दाजी के सानिध्य में विधिविधान के साथ शुरू हुआ और अब अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है, जिसका समारोहपूर्वक समापन आज होगा। यूं तो पिछले करीब 1 हफ्ते में कई दिग्गज यहां आए और मुझे भी अपने सहयोगी मित्रों नितेंद्र शर्मा, प्रभु पटैरिया, विजेश लुणावत, राजेंद्र सिंह, उमेश निगम, मनोज वर्मा और रंजन श्रीवास्तव के साथ शिव अर्चन में शामिल होने का सौभाग्य हासिल हुआ। यहां हमारे सहयोगी पत्रकार बंधु वीरेंद्र शर्मा और नवीन पुरोहित भी मिले, जो खुद भी पूजन में व्यस्त थे। हमारा सामना महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस से भी हुआ। खास बात यह है कि विपरीत मौसम खासतौर से बारिश ने इस आयोजन में खलल डाला लेकिन लोगों के इरादे नहीं डगमगा। दूध मुंह बच्चे महिलाओं की गोद में नजर आए तो ढलती उम्र के लोग भी सपरिवार अपनी जगह तलाश कर विधिविधान से पूजन-अर्चन में जुटे देखे गए। रोज की तरह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और उनके परिवार के साथ सहयोगी यहां आने वाले आगंतुकों का विशेष ध्यान रख रहे हैं, जो मंत्रोच्चार के द्वारा यहां शिवलिंग निर्माण में 12 बजे तक जुटे रहते हैं और फिर मंत्रोच्चार के दौरान विधिविधान से आरती के साथ समापन होता है। इसके बाद प्रसाद वितरण किया जाता है। भोज का जो सिलसिला शुरू होता है उसमें हर दिन 25 से 30 हजार लोग शामिल हो रहे हैं। शाम ढले दद्दाजी के प्रवचन और उसके बाद आधी रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन चलता रहता है। सावन के इस महीने में दद्दाजी के सानिध्य में शिवलिंग निर्माण का यह सिलसिला मुख्यमंत्री निवास से शुरू हुआ था जो इन दिनों दतिया में आकर्षण का केंद्र बना है। राजनीतिक कार्यक्रम और चुनावी सभाओं को छोड़ दिया जाए तो शायद ही कभी किसी धार्मिक आयोजन में इतनी भीड़ देखने को मिली हो, वह भी संस्कारित और पुण्य कमाने के लिए जिसमें अव्यवस्थाओं के लिए कोई गुंजाइश नहीं चाहे फिर वह कीचड़ के बीच जगह तलाश कर बैठे हुए लोग हों या फिर यहां आने जाने वाले। स्वयं नरोत्तम मिश्रा मेजबान के तौर पर पूरे समय यहां सक्रिय रहते हैं। इस दौरान न तो मंत्री जैसे उनके तेवर और न ही किसी वीआईपी की तरह उनका व्यवहार नजर आता है। हर व्यक्ति को वह सम्मान देते हैं। ज्यादातर लोगों को नाम से पुकार कर इस बात का अहसास दिलाते हैं कि आपने इस कार्यक्रम में शिरकत कर हमारा मान बढ़ाया है। पंडाल में उस वक्त माहौल देखने लायक होता है जब हर-हर महादेव और राधे-राधे के नारे और धार्मिक संगीत के बीच जनसमूह दोनों हाथ उठाकर तालियां बजाने को मजबूर हो जाता है चाहे फिर युवा वर्ग या फिर पुरानी पीढ़ी की महिलाएं और पुरुष। इस दौरान लोग जिस तरह से खुद अनुशासन रखने को मजबूर होते हैं वह भी देखने लायक है। मंत्री होते हुए नरोत्तम मिश्रा मंच से लेकर आयोजन स्थल के चारों ओर स्वयं जाकर जो जोश भरते हैं उसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ऐसा नहीं कि सब कुछ प्रायोजित है। यहां हरकोई खिंचा चला आता है। जिसको जहां जगह मिलती है वहां बैठ जाता है। दतिया की सड़कों पर जो हलचल देखने को मिल रही है वो इस बात का अहसास कराती है कि पहली बार शहर में हुए इस आयोजन से कोई अछुता नहीं है। दतिया विधानसभा क्षेत्र ही नहीं बल्कि आसपास के लोग भी यहां सपरिवार पहुंच रहे हैं। एक मिसाल के तौर पर नरोत्तम ने जो मिसाल कायम की है वह खास लोगों से लेकर आम लोगों को लुभा रही है। उसने भी शायद एक नया कीर्तिमान बना डाला होगा। शिवलिंग का तो रिकॉर्ड पहले 2 दिन में ही टूट गया था। यह पहला मौका होगा जब 1 हफ्ते से नरोत्तम मिश्रा यहां डेरा डाले हुए हैं और एक बड़े धार्मिक आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने में जुटे हैं। कुल मिलाकर मां पीतांबरा की नगरी में इन दिनों इस धार्मिक अनुष्ठान ने जो माहौल बनाया है वह यदि नरोत्तम मिश्रा की बढ़ती लोकप्रियता को इंगित करता है तो दद्दाजी के इस मिशन को एक नई दिशा दे रहा है जिसने शिवलिंग निर्माण सावन के महीने में आयोजित कर न सिर्फ लोगों की सोच बदली है बल्कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विपरीत विचारों और विरोधी रणनीति बनाने वालों को एक मंच पर बुलाकर समाज निर्माण का नया प्रयोग कर दिखाया। शायद यह कहना गलत नहीं होगा कि शिवराज सिंह चौहान ने आनंद की अनुभूित का जो बीड़ा उठाया है शायद यह पहला मौका होगा जहां एक धार्मिक समागम दतिया के लोगों को हैप्पीनेस का अहसास करा रहा है जिसमें भाईचारा, सर्वधर्म सम्भाव के बीच छोटे-बड़े अंतर नजर नहीं आता। दतिया की धरती पर नरोत्तम मिश्रा ने विधायक बनने के बाद इससे पहले भी धर्म, आध्यात्म, संस्कृति के कई कार्यक्रम किए हैं जिसमें सुखविंदर सिंह, कैलाश खैर, अलका याज्ञनिक, हेमा मालिनी, कनकेश्वरी के प्रवचन के साथ कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के अलावा भागवत कथा, रामकथा भी हुई लेकिन पार्थिव शिवलिंग निर्माण ने एक हफ्ते में जो माहौल बनाया और अनुष्ठान कराया उसने शायद दतिया में इतिहास बना दिया है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार राकेश अग्निहोत्री स्वराज एक्सप्रेस मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़ में पॉलिटिकल एडिटर हैं।)

Source ¦¦ राकेश अग्निहोत्री