भोपाल। जैन समाज के द्वारा पुष्प नक्षत्र में आज बच्चों को दो बूंद स्वर्ण प्राशन पिलाई गई शहर के अनेक स्थानों पर पंचायत कमेटी ट्रस्ट की ओर से बच्चों में बुद्धि, याददाश्त और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये 1 से 16 वर्ष तक के बालकों के स्वर्ण प्राशन का पान कराया गया। मुनिश्री प्रसाद सागर महाराज इस अवसर पर आशीष वचन में कहा संसार में दुख का मूल कारण है आत्मज्ञान का अभाव जो मानस चैतन्य आत्मा को इस जड़ देह से भिन्न नहीं मानता वह घोर तप करने पर भी निर्वाण को प्राप्त नहीं होता। संसार में दुख का मूल कारण है आत्मज्ञान का अभाव जबतक आत्मा का वास्तविक ज्ञान नहीं होगा तब पर द्रव्यों के प्रति आत्मबुद्धि रहेगी।