नई दिल्ली । विदेश मंत्रालय की ओर से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने के कारण मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का डेनमार्क में आयोजित सी-40 जलवायु सम्मेलन का दौरा रद्द हो गया। मुख्यमंत्री को मंगलवार दोपहर वहां के लिए रवाना होना था। मुख्यमंत्री को इस दौरे के लिए मंजूरी नहीं दिए जाने पर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर हमला किया है। पार्टी ने केंद्र के इस रवैये को दुर्भाग्यपूण बताते हुए इसे सियासी दुर्भावना में लिया गया फैसला बताया। आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह हमारी समझ से परे है कि ऐसे मसलों पर केंद्र सरकार क्यों आम आदमी पार्टी की सरकार के साथ ऐसा व्यवहार करती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल डेनमार्क छुट्टी मनाने नहीं जा रहे थे। उन्हें दुनिया के 100 शहरों के मेयर से प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ने के तरीकों पर चर्चा करनी थी। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि आज तक कितने मुख्यमंत्रियों के दौरे रद्द किए गए हैं। अरविंद केजरीवाल ने डेढ़ माह पहले मंजूरी के लिए आवेदन किया था, मगर अंतिम समय तक भी मंजूरी नहीं दी गई। इसी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे पश्चिम बंगाल के मंत्री को इजाजत मिल गई है। मुख्यमंत्री को 9 से 12 अक्तूबर के बीच डेनमार्क के कोपेनहेगन में आयोजित सी-40 जलवायु सम्मेलन में शामिल होना था। उन्हें मंगलवार दोपहर आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ निकलना था। विदेश मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिलने के कारण दौरा रद्द हो गया। पिछले सप्ताह केजरीवाल के विदेश दौरे के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था हमें हर महीने मंत्रालयों, सचिवों, नौकरशाहों से राजनीतिक मंजूरी के लिए सैकड़ों अनुरोध मिलते हैं। एक निर्णय कई सूचनाओं पर आधारित होता है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की प्रकृति का भी ध्यान रखा जाता है, जहां व्यक्ति भाग लेने जा रहा है। अन्य देशों की भागीदारी के स्तर को भी ध्यान में रखकर इस तरह के निमंत्रण को भी मंजूरी दी जाती है।