भोपाल । देशभर के 18 वाणिज्यिक बैंकों के चार अधिकारी संगठनों ने आगामी 26- 27 सितबर को अपनी जायज मांगों एवं सरकार की बैंकिंग विरोधी नीतियों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल पर जाने का निश्चय किया है। हड़ताल में मप्र एवं छग के लगभग 16 हजार से अधिक अधिकारी हिस्सा लेंगे। इस हड़ताल से मप्र और छत्तीसगढ़ में लगभग 4 हजार से अधिक शाखाएं पूर्णत: बंद रहेगी।
सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि इस हड़ताल से देश के सभी 18 वाणिज्यिक बैंकों का काम
काज प्रभावित होगा। हड़ताल पर जाना हम सभी की मजबूरी है। सरकार की हठधर्मिता के कारण बैंकिंग उद्योग जगत के
अधिकारियों, कर्मचारियों का वेतनमान 01 नवबर 2017 से लंबित है। जबकि संगठनों व सरकार की प्रतिनिधि संस्था आईबीए के मध्य 6 दौर की वार्ता बेनतीजा रही है। 5 बैंकों के द्वारा सरकार के इशारे पर अभी भी मेन्डेट नहीं दिया गया। इस सरकार के आने के बाद मर्जर का निर्णय जो कि एक तरफा व बिना सोचे समझे किया जा रहा है, जबकि यह निर्णय देश हित समाज हित में नहीं है। संगठन का कहना है कि बिना बैंक को साथ लिए देश को 5 ट्रिलियन की इकोनामी बनाना कैसे संभव होगा।