गांधीनगर | अहमदाबाद मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मानसून के पूरा होते ही आगामी दिवाली से पहले नगरों, महानगरों सहित राज्य की सड़कों का मरम्मत कार्य पूरा करने को अभी से ही मास्टर प्लान तैयार करने का आह्वान किया है। मंगलवार को गांधीनगर में राज्य की 162 नगरपालिकाओं, 8 महानगरपालिका और 2 शहरी विकास प्राधिकरणों को सर्वांगीण विकास कार्यों के लिए दो हजार करोड़ रुपए की रकम के चेक वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने यह बात कही। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि नगरों, महानगरों का सत्ता तंत्र कार्यों की प्राथमिकता तय करे। राज्य सरकार स्थानीय विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं पड़ने देगी। शहरी विकास एवं शहरी गृह निर्माण विभाग तथा गुजरात म्युनिसिपल फाइनेंस बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल, राज्य मंत्री योगेशभाई पटेल, विभावरीबेन दवे और बोर्ड के अध्यक्ष धनसुखभाई भंडेरी भी उपस्थित थे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब स्वयं चलकर स्थानीय निकाय की ऐसी संस्थाओं, नगरपालिकाओं और महानगरपालिकाओं को विकास कार्यों के लिए ग्रांट दे रही है। उन्होंने कहा कि भूतकाल में सरकारों को ओवरड्राफ्ट लेना पड़ता था और शहरी सुख-सुविधा व नागरिक सुविधाओं के कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित नहीं की जाती थी। राज्य में पिछले दो दशक से उस स्थिति में बदलाव लाकर हम ऐसे वित्तीय अनुशासन के साथ काम कर रहे हैं कि अब सरकार बजट में जो कुछ भी निर्धारित करती है, वह सब कुछ विकास कार्यों के लिए उचित समय पर देती भी है। विजय रूपाणी ने कहा कि राज्य के नागरिकों की अपेक्षाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के जरिए विश्वस्तरीय व स्मार्ट सिटी बनाने का वातावरण सभी साथ मिलकर खड़ा करें। इसके लिए उन्होंने नगरों व महानगरों के तंत्रवाहकों एवं पदाधिकारियों को अनूठे विजन के साथ कम से कम संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल की दिशा में कार्यरत होने की सीख दी। नगरपालिकाओं एवं महानगरपालिकाओं को भी वित्तीय अनुशासन अपनाकर कार्यों की योजना बनाने का अनुरोध करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को रोजाना नियमित तौर पर पेयजल मुहैया कराने, ड्रेनेज और सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्य शीघ्र पूरे करने, उपचारित जल का पुनर्उपयोग करने तथा तालाबों को गहरा करने जैसे जल संचय के दीर्घकालिक कार्यों के जरिए सतत विकास से बेहतरीन सुविधा युक्त नगरों को रहने लायक बनाने का हमारा लक्ष्य है। 
मुख्यमंत्री ने नगरों में 15 मीटर तक की ऊंचाई वाले मकानों के लिए ऑनलाइन नक्शा पास करने, झुग्गी पुनर्विकास नीति के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और हरित व स्वच्छ शहर निर्माण के लिए घर-घर जाकर कचरा एकत्रीकरण, ठोस कचरे का समुचित व्यवस्थापन करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने नगरों व महानगरों में रेलवे ट्रैक के कारण होने वाली ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति के लिए ओवरब्रिज एवं अंडरब्रिज का निर्माण कर फाटक मुक्त गुजरात के संकल्प को दोहराया। रूपाणी ने नगरों एवं महानगरों के पार्षद एवं पदाधिकारी के तौर पर मिले जनसेवा के अवसर को साकार करने के लिए वाद नहीं बल्कि संवाद के ध्येय के साथ प्रो-एक्टिव सेल्फ गवर्नमेंट की संकल्पना अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में बजट पारित होने के करीब एक पखवाड़े की अवधि में ही 2000 करोड़ रुपए जैसी भारी धनराशि एक साथ प्रदान कर राज्य सरकार ने सर्वांगीण शहरी विकास के संकल्प को पूरा किया है। 
उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल ने कहा कि राज्य के 45 फीसदी नागरिक शहरी क्षेत्र में रहते हैं। ऐसे करोड़ों नागरिकों को आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने दृढ़ निश्चय के साथ समयबद्ध योजना बनाई है, जिसके परिणामस्वरूप गुजरात आज देश का रोल मॉडल बना है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता के चलते आज राज्य के नगर और शहर अधिकाधिक सुविधाओं से लैस बने हैं। नगरों के विकास से प्रभावित विभिन्न राज्यों व देशों के प्रतिनिधि गुजरात का दौरा कर रहे हैं। पटेल ने कहा कि यह सरकार नागरिकों को तमाम प्रकार की सुविधाएं प्रदान कर रही है। शहरी विकास विभाग के लिए आवंटित की जाने वाली राशि में हमारी सरकार ने लगातार बढ़ोतरी की है। इस वर्ष 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक रकम इस विभाग के लिए आवंटित की है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज आवंटित इस रकम का सदुपयोग कर जनसुविधा के कार्य शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगरपालिका के सदस्यों व अधिकारियों का कार्य वास्तव में चुनौतीपूर्ण है। आप सभी जिस तरह से कार्य कर रहे हैं, लोगों को सुविधाएं दे रहे हैं उसके चलते राज्य की 95 फीसदी नगरपालिकाओं में भाजपा का शासन है। लोग काम देखकर हमें चुनते हैं, ऐसे में हमारी जिम्मेदारी दोगुनी हो जाती है। 
गुजरात म्युनिसिपल फाइनेंस बोर्ड के चेयरमैन धनसुखभाई भंडेरी ने कहा कि पारदर्शिता, निर्णायकता, प्रगतिशीलता और संवेदनशीलता के आधारस्तंभ पर चलने वाली मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी की और उप मुख्यमंत्री श्री नितिनभाई पटेल की सरकार ने शहरी विकास के लिए बजट में 13 हजार करोड़ रुपए की भारी रकम आवंटित की है। भंडेरी ने आज 2000 करोड़ रुपए के आवंटन के संदर्भ में राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए नपा, मनपा के सदस्यों और अधिकारियों से प्रोजेक्ट प्रस्ताव जल्द से जल्द भेजने और समय सीमा में कार्यों को पूरा करने के अलावा गुणवत्ता परक कार्यों को प्रधानता देने का अनुरोध किया। 
शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव मुकेश पुरी ने कहा कि शहरों के विकास के लिए राज्य सरकार ने जो वादे किए थे वे पूरे हुए हैं। नगरों-शहरों के सभी प्रोजेक्टों के कामकाज के मामले में आज गुजरात देशभर में प्रथम पांच स्थान में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में गुजरात में मुख्यमंत्री स्वर्णिम जयंती योजना कार्यान्वित की थी जिसके चलते आज यह संभव बना है। उन्होंने ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी वेस्ट वाटर पॉलिसी, नागरिकों की यातायात सुविधा के लिए ट्रांसपोर्ट सेवा तथा आवासों की योजना को प्रधानता दी है।