श्रीनगर: कहते हैं भगवान शंकर की लीला अपरंपार है. भोलेनाथ (Lord Shiva) की मर्जी हो जाए तो दुनिया की किसी भी नकारात्मक ऊर्जा का सर्वनाश तय होता है. इस वक्त बाबा बर्फानी (Baba barfani) की गजब लीला देखने को मिल रही है. आतंकियों के नापाक मंसूबों को देखते हुए भोले के भक्तों से अपील की गई है कि वह यात्रा बीच में ही रोक दें और रास्ते में जहां कहीं हैं वहीं से अपने अराध्य को हाथ जोड़कर सुरक्षित अपने घर लौट जाएं. भोलेनाथ (Lord Shiva) की एक ताजा तस्वीर जारी की है, जिसमें बाबा बर्फानी (Baba barfani) संपूर्ण रूप में दिख रहे हैं.
बताया जा रहा है कि लंबे समय भोलेनाथ (Lord Shiva) इतने विस्तार रूप में दिख रहे हैं. शिव भक्तों की आस्था है कि बाबा बर्फानी (Baba barfani) यूं ही नहीं संपूर्ण रूप में प्रकट हुए हैं. भक्त मानते हैं कि भोलेनाथ (Lord Shiva) जरूर चाहेंगे की कुछ ऐसा हो जिससे मानव जाति का कल्याण हो.
इस तस्वीर को देखना किसी भी शिव भक्त के लिए सौभाग्य की बात होगी. बाबा बर्फानी (Baba barfani) पूर्ण रूप में दिख रहे हैं. पिछले कुछ साल से बाबा बर्फानी (Baba barfani) यात्रा पूर्ण होने से पहले ही विलय हो जा रहे थे, लेकिन इस बार जब सुरक्षा कारणों के चलते यात्रियों को बीच में ही घर लौटने की सलाह दी जा रही है तो बाबा का ऐसा रूप सामने आया है. यहां आपको बता दें कि आधिकारिक रूप से अमरनाथ यात्रा (Amarnath yatra 2019) सावन माह के आखिरी दिन यानी पूर्णिमा (15 अगस्त) को पूर्ण होने वाली है.

धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान शंकर की जब तीसरी आंख खुलती है तो राक्षसी प्रवृति के लोगों का सर्वनाश होता है. इस वक्त जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए सबसे बड़ा राक्षस आतंक और आतंकी हैं. ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि भगवान शंकर किसी तरीके से इनका सर्वनाश करेंगे और जम्मू कश्मीर में फिर से अमन और शांति बहाल हो पाएगा.

अमरनाथ यात्रा पर आतंक का साया
यहां आपको बता दें कि अमरनाथ यात्रा (Amarnath yatra 2019) को लेकर इंटेलीजेंस इनपुट के हवाले से आतंकवादी खतरे की बात कहते हुए जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी की. इसमें तीर्थयात्रियों को घाटी से जल्द से जल्द लौटने की सलाह दी गई है. जम्मू एवं कश्मीर के गृह विभाग ने यह एडवाइजरी जारी की है. यात्रा को लेकर शीर्ष सुरक्षा प्रतिष्ठान ने कहा कि इस तरह के इनपुट है कि यात्रा को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा निशाना बनाया जा सकता है.
एडवाइजरी में कहा गया, 'आतंकवादी धमकी के नवीनतम इंटेलीजेंस इनपुट खास तौर से अमरनाथ यात्रा (Amarnath yatra 2019) को निशाना बनाए जाने व कश्मीर घाटी के सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ यात्रियों व पर्यटकों की सुरक्षा के हित में यह सुझाव दिया जाता है कि तीर्थयात्री घाटी से जल्द से जल्द लौटें.' अमरनाथ यात्रा (Amarnath yatra 2019) एक जुलाई से शुरू हुई और यह 15 अगस्त को समाप्त होनी है.

इंटेलीजेंस इनपुट के मद्देनजर कश्मीर में पहले हजारों की संख्या में अर्धसैनिक बल पहुंच चुके हैं. इंटेलीजेंस इनपुट में यात्रा को आतंकवादियों द्वारा निशाना बनाने की बात कही गई है. इससे पहले दिन में सेना ने कहा कि इस तरह के इंटेलीजेंस इनपुट है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी यात्रियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं.