भोपाल । कर्नाटक में जारी संकट के बीच मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार हर कदम फूंक-फूंककर रख रही है। पिछले कुछ दिनों से सरकार को समर्थन दे रहे सपा, बसपा एवं निर्दलीय विधायकों की नाराजगी को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गंभीरता से लिया है। विधानसभा सत्र के दौरान ही कमलनाथ ने अनौपचारिक कैबिनेट बुलाकर सभी मंत्रियों की नकेल कसी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी विधायक की ओर से यह शिकायत नहीं आनी चाहिए कि मंत्री उनकी बातें नहीं सुनते। कम से कम सरकार को समर्थन दे रहे सपा, बसपा एवं निर्दलीय विधायकों को तो किसी तरह की शिकायत नहीं होनी चाहिए। सपा, बसपा एवं निर्दलीय विधायकों की नाराजगी की खबरों के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को आनन फानन में अपने मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक बुलाई। कमलनाथ ने मंत्रियों की जमकर क्लास ली और कहा कि उन्हें विधायकों की बातों को गंभीरता से लेनी चाहिए। कमलनाथ ने मंत्रियों की हिदायत दी कि भविष्य में किसी भी विधायक की ओर से शिकायत नहीं आनी चाहिए कि मंत्री उनकी बात नहीं सुनते। इस बैठक में कांगे्रस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी मौजूद थे।
सतर्क एवं सावधान रहें मंत्री
सीएम ने वर्तमान राजनीतिक हालातों का जिक्र करते हुए कहा कि सभी को सतर्क एवं सावधान रहने की जरूरत है। जिन विधायकों को समर्थ से यह सरकार चल रही है हमारी जवाबदारी है कि उनको कोई परेशानी व शिकायत न हो। यह मंत्रियों का पहला कर्तव्य होना चाहिए। विस की कार्रवाई के संबंध में वरिष्ठ मंत्री नए मंत्रियों को जानकारी दें। उन्होंने कहा कि विस की कार्रवाई देर रात तक चल रही है। 
सदन में मौजूद रहें अफसर
बैठक में गुरुवार को गृह विभाग की चर्चा के दौरान डीजीपी सहित अन्य अधिकारियों की गैर मौजूदगी पर भी चर्चा हुई और तय किया गया कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कई विभागों पर चर्चा के दौरान संबंधित अफसर सदन के अंदर मौजूद रहें। मुख्य सचिव एसआर मोहंती को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गंभीर है कि अफसरों की गैरहाजिरी के कारण मंत्री अपने विभाग पर हुई चर्चा का जवाब नहीं दे सके।
शेरा व बसपा विधायकों से की मुलाकात 
खबर हैकि  कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा भैया एवं बसपा विधायकों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि भविष्य में उन्हें किसी मंत्री से कोई शिकायत नहीं होगी। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने विधायकों से धैर्य रखने को कहा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मंत्रिमंडल विस्तार में उनका ध्यान रखा जाएगा।