नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान एक बार फिर आईसीसी विश्व कप (ICC World Cup) में आमने-सामने हैं. मैच पर बारिश का भी साया है. बताया जा रहा है कि मैच के बीच में बारिश आती-जाती रहेगी. जो भी हो, भारतीय प्रशंसक तो टीम इंडिया (Team India) की जीत पक्की मान कर ही चल रहे हैं. और मानें भी क्यों ना. उनकी टीम इंडिया जबरदस्त फॉर्म में चल रही है. और जब बड़े मुकाबलों में पाकिस्तान (Pakistan) का सामना होना हो तो भारतीय शेर और खतरनाक हो जाते हैं. विश्व कप इतिहास इस बात का गवाह है. 

भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप (वनडे/टी20) में अब तक 11 मैच हुए हैं. पाकिस्तान इनमें से एक भी मैच नहीं जीत सका है. अगर बात वनडे विश्व कप (World Cup 2019) की हो तो यहां पर भारत और पाकिस्तान का रिकॉर्ड 6-0 का है. जी हां, भारतीय टीम 1992 से अब तक छह वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हरा चुकी है. 1992 से पहले विश्व कप में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला नहीं हुआ था. विश्व कप में भारत के छह मुकाबले...

1. 1992 में इमरान खान की टीम को हराया
भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप का पहला मुकाबला 1992 में हुआ. भारत ने इस मैच में सचिन तेंदुलकर (54), अजय जडेजा (46) और कपिल देव (35) की मदद से सात विकेट पर 216 रन बनाए. कप्तान इमरान खान की अगुवाई में पाकिस्तान की टीम उन दिनों ताकतवर थी. लेकिन मनोज प्रभाकर (2/22), कपिल देव (2/30) और जवागल श्रीनाथ (2/37) ने पाकिस्तान को 173 रन पर समेट दिया. सचिन ने एक विकेट लिया. सचिन तेंदुलकर को उनके ऑलराउंड खेल के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए.   

 

2. जब 1996 में जडेजा के तूफान में उड़ गया पाकिस्तान 
भारत और पाकिस्तान के बीच 1996 के विश्व कप में भी मुकाबला हुआ. यह क्वार्टर फाइनल था, जो बेंगलुरू में खेला गया. भारत ने नवजोत सिंह सिद्धू (93) और अजय जडेजा (45) की मदद से 287 रन बनाए. जवाब में पाकिस्तान 9 विकेट पर 248 रन ही बना सका. भारत ने यह मैच 39 रन से जीता. सिद्धू मैन ऑफ द मैच चुने गए. आज जब वो मैच याद करते हैं, तो लोगों को सिद्धू की पारी से पहले अजय जडेजा का तूफान याद आता है, जिन्होंने 25 गेंदों पर 45 रन ठोक दिए थे. 

3. वेंकटेश ने 1999 में पाक को तहस-नहस किया 
1999 में इंग्लैंड में विश्व कप खेला गया. भारत ने अजहरुदृीन की कप्तानी में पाकिस्तान के खिलाफ छह विकेट पर 227 रन बनाए. राहुल द्रविड़ ने 62, अजहर ने 59 और सचिन तेंदुलकर ने 45 रन बनाए. 227 के स्कोर को बचाने के लिए दमदार गेंदबाजी की जरूरत थी. इसका जिम्मा वेंकटेश प्रसाद ने संभाला. उन्होंने 9.3 ओवर के स्पेल में पांच विकेट झटके. जवागल श्रीनाथ ने तीन और अनिल कुंबले ने दो विकेट लिए. पाकिस्तान 180 पर ढेर हो गया. भारत 47 रन से जीता और प्रसाद मैन ऑफ द मैच चुने गए. 

4. शोएब अख्तर की गेंद पर सचिन का छक्का...
साल 2003 के विश्व कप में पाकिस्तान ने भारत को 274 रन का लक्ष्य दिया. उसकी ओर से सईद अनवर ने शतक लगाया. अब निगाहें सचिन तेंदुलकर पर लगी थीं. वसीम अकरम, वकार यूनुस और शोएब अख्तर के आक्रमण को अगर कोई संभाल सकता था, तो वे सचिन ही थे. सचिन को यह बात पता थी और उन्होंने शोएब अख्तर के पहले ही ओवर में प्वाइंट बाउंड्री पर झन्नाटेदार छक्का लगाया. यह एक शॉट इस पूरे मैच की कहानी बयां करता है. सचिन ने 75 गेंदों पर 98 रन बनाए और भारत ने यह मैच 46वें ओवर में ही छह विकेट से जीत लिया. सचिन तेंदुलकर मैन ऑफ द मैच चुने गए. 

5. मोहाली में अपने पीएम के सामने हारा पाकिस्तान 
साल 2011 में भारत-पाक का मुकाबला सेमीफाइनल में हुआ. इस मैच को देखने के लिए पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी भी पहुंचे. लेकिन उनकी टीम ने फिर निराश किया. भारत ने इस मैच में सचिन तेंदुलकर की 85 रन की पारी की बदौलत 260 रन बनाए. फिर पूरी पाकिस्तानी टीम 231 रन पर आउट हो गई. भारत की ओर से जहीर खान, आशीष नेहरा, मुनाफ पटेल, हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट लिए. सचिन तेंदुलकर मैन ऑफ द मैच चुने गए. 

6. कोहली के शतक ने 2015 में दिलाई बड़ी जीत 
साल 2015 में भी पाकिस्तान की टीम भारत के सामने नहीं टिक सकी. भारत ने इस मैच में सात विकेट पर 300 का स्कोर खड़ा किया. यह पहला मौका था. भारतीय पारी को संवारने वाले विराट कोहली ने 107 रन बनाए. सुरेश रैना ने 74 और शिखर धवन ने 73 रन की पारियां खेलीं. इसके जवाब में पूरी पाकिस्तानी टीम 47 ओवर में 224 रन बनाकर आउट हो गई. भारत के लिए मोहम्मद शमी ने सबसे अधिक चार विकेट लिए. उमेश यादव और मोहित शर्मा ने दो-दो विकेट झटके. विराट कोहली मैन ऑफ द मैच चुने गए.