पटना, । बिहार के कई जिलों में इन दिनों एईएस (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) या चमकी बुखार ने कहर बरपा रखा है। इस घातक दिमागी बुखार ने 50 से ज्यादा बच्चों की जान ले ली है। अस्पतालों में इस बीमारी के शिकार बच्चों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इस बीमारी के सबसे ज्यादा मामले उत्तरी बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली में सामने आ रहे हैं।

मुजफ्फरपुर में  34 बच्चों की मौत हो गई

एईएस (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) बीमारी से मंगलवार को सिर्फ मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में इससे पीड़ित तीन और केजरीवाल अस्पताल में दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं 24 नए भर्ती हुए हैं। अबतक इस बीमारी से केवल मुजफ्फरपुर में 34 बच्चों की मौत हो गई और 109 बच्चे इलाजरत हैं।  

अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर एसके शाही के अनुसार जनवरी महीने से अब तक 109 बच्चे इलाज के लिए यहां पहुंचे हैं। इसमें 34 बच्चों की मौत हो गई। कहा कि प्राचार्य डॉ. विकास कुमार, शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर साहनी समेत सभी चिकित्सक और कर्मी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। 

जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 10 और बच्चों ने दम तोड़ दिया है तो वहीं 23 नए बच्चों को भर्ती कराया गया है। मरने वाले दस बच्चों में से सात की मौत एसकेएमसीएच में जबकि तीन की मौत केजरीवाल अस्पताल में हुई है।

एसकेएमसीएच के शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर सहनी नें बताया कि बीमार बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी की वजह से दो नए पीआईसीयू खोले गए हैं। वैसे कई बच्चे ठीक होकर घर भी लौट रहे हैं।

क्या है चमकी बुखार या एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (AES)

चमकी बुखार को एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) के नाम से भी जाना जाता है। इस बीमारी में दिमाग में सूजन हो जाती है। ये सब वायरल इंफेक्शन की वजह से होता है। जापानी इंसेफलाइटिस को उत्तरी बिहार में चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है। यह बुखार शरीर के इम्यून सिस्टम और दिमाग के ऊतकों पर हमला करता है।

चमकी बुखार के लक्षण

इस बीमारी में सिरदर्द के साथ बुखार आना सबसे बड़ा लक्षण होता है। इस बीमारी का शिकार होने पर मांसपेशियों और ज्वाइंट्स में दर्द, कमजोरी की शिकायत भी होती है। उल्टी आना और चिड़चिड़ेपन के लक्षण भी नजर आते हैं। कई बार इससे पीड़ित मरीज बेहोश भी हो जाता है। बीमारी अगर बढ़ जाती है तो ये लक्षण नजर आते हैं। 

- बोलने,सुनने में समस्या आना

- पैरालाइज हो जाना

- भ्रम उत्पन्न होना

- दिमाग संतुलित नहीं रहना

- बेहोशी आना

बच्चों में ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं

- उल्टी या जी मिचलाना

- शरीर में अकड़न आना

- चिड़चिड़ापन बढ़ना

- खोपड़ी के नरम स्थानों में उभार आना

अगर बच्चों में इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो घबराएं नहीं। तत्काल डॉक्टर्स की सलाह लें। जांच के बाद ही तय होता है कि बच्चा चमकी बुखार से पीड़ित है या नहीं।