बीजिंग । चीनी नौसेना के 70 साल पूरे होने पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में आईएनएस कोलकाता सहित भारत के दो युद्धपोतों ने हिस्सा लिया। आईएनएस कोलकाता देश में निर्मित सबसे बड़ा विध्वंसक पोत है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस मौके पर आयोजित विशेष परेड की अध्यक्षता की। इस शो में 13 देशों के 18 पोतों ने भाग लिया।
परेड में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी के 32 पोतों ने भाग लिया। नौसेना के 39 युद्धक विमानों ने भी परेड में भाग लिया। शी सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अध्यक्ष होने के साथ ही सेना के प्रमुख भी हैं। चीन ने अपने पहले विमानवाहक पोत लिओनिंग के साथ ही अपनी नवीनतम परमाणु पनडुब्बियों, विध्वंसक और लड़ाकू जेट भी परेड में प्रदर्शित किए। लिओनिंग पूर्व सोवियत संघ का पोत है जिसे फिर से तैयार किया गया था।
 मौसम की वजह से इस कार्यक्रम में व्यवधान पड़ा और आसमान में धुंध छाई रही। इस वजह से मेहमानों को कम दृश्यता में ही कार्यक्रम देखना पड़ा। भारत की ओर से आईएनएस कोलकाता और आईएनएस शक्ति ने परेड में भाग लिया। इस परेड में पाकिस्तानी नौसेना का कोई भी पोत शामिल नहीं हुआ। फरवरी में पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों में कटुता आने के कारण पाकिस्तानी नौसेना ने अपने मित्र देश की नौसेना के महत्वपूर्ण आयोजन में भाग नहीं लिया।  अमेरिका ने भी अपना कोई युद्धपोत नहीं भेजा। भारत और सिंगापुर के साथ ही रूस और जापान ने भी इस आयोजन के लिए अपने आधुनिक पोत भेजे हैं। भारतीय राजनयिकों ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण आयोजन में भारतीय युद्धपोतों की भागीदारी की सराहना की जो सैन्य संबंधों में सुधार का संकेत है।