भोपाल । नगर निगम राजधानी में पांच नए रूट पर 60 लो फ्लोर बसों का संचालन करने की तैयारी कर रहा है बस ऑपरेटरों के चयन के लिए ऑफर बुलाए गए हैं, लेकिन आचार संहिता के बाद टेंडर खोले जाएंगे। वर्तमान में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) 16 रूटों पर सिटी बसों का संचालन कर रहा है। बीसीएलएल अधिकारियों के अनुसार 150 बसें पुरानी हो चुकी हैं, जिन्हें रिप्लेस कर उनकी जगह नई बसें लाई जाएंगी। अब तक 33 बसें रिप्लेस हो चुकी हैं। बाकी बसों को धीरे-धीरे बदला जाना है। इन्हीं बसों को नए रूटों पर चलाया जाएगा। बीसीएलएल ने जो नए रूट तय किए हैं, उसमें उन क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जहां बसों की कनेक्टिविटी नहीं है या फिर कम है। लोगों की मांग पर आने वाले समय में रूटों में बदलाव भी किया जा सकता है। नए रुट मालीखेड़ी से टीबी अस्पताल तक 12 बसें, दानिश चौराहा से जवाहर चौक तक 14 बसें, 
कोकता आनंद नगर से रोज स्कूल विदिशा रोड तक 10 बसें, खजूरीकला से सैर सपाटा तक 10 बसें, सलैया से करोंद तक 14 बसों का संचालन किया जाएगा। 
    मालूम हो कि बीसीएलएल ने मिडी बसों के लिए पहले भी रूटों का सर्वे कराया था। इसके बाद अक्टूबर 2016 में नए रूटों पर 102 बसें चलाने के लिए टेंडर जारी किया था। दो ऑपरेटरों के चयन के बाद चार महीने में 102 मिडी बसों का संचालन शुरू किया जाना था। लेकिन सिर्फ 62 बसें ही आ पाईं। जिस कंपनी को यह बसें खरीदनी हैं, उसे नगर निगम लगातार एक्सटेंशन दे रहा है। अब फिर से नए रूट तय किए गए हैं। इधर, बीआरटीएस में इंटरसिटी और सूत्र सेवा की बसों को चलाने की अनुमति दिए करीब 20 दिन गुजर चुके हैं। लेकिन निजी ऑपरेटरों ने रुचि नहीं ली। वर्तमान में बैरागढ़ वाले हिस्से पर सिर्फ चार्टर्ड की 33 बसों का ही संचालन हो रहा है। निगम कमिश्नर विजय दत्ता ने गुरुवार को बीसीएलएल की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निजी ऑपरेटरों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि निजी ऑपरेटरों की बसें शहर में कई जगहों पर यात्रियों को चढ़ाती-उतारती हैं, इसलिए वे बीआरटीएस में बस संचालन में रुचि नहीं ले रहे हैं।दत्ता ने बीआरटीएस में तैनात ट्रैफिक वार्डन को जैकेट व रेडियम वाले डंडे उपलब्ध कराने और गेट को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए। दरअसल, बीआरटीएस में बस चलाने के लिए अनिवार्य किया गया है कि उन्हें नॉन स्टॉप चलना होगा।