भोपाल । राजधानी स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को अज्ञात ठगों द्वारा लाखों रुपए की चपत लगा दी है। विश्वविदयालय प्रबंधन अब इस मामले की जांच इंटरनल कमेटी बनाकर करवा रहा है। यह राशि विवि के खाते से दस बार में निकाली है। विवि के गोपनीय शाखा के अकाउंट से 39 लाख से अधिक की राशि निकलने के मामले में तीन सदस्यों की इंटरनल कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी विश्वविद्यालय स्तर पर जांच करेगी। अधिकारियों के अनुसार विवि से मिले स्टेटमेंट का मिलान करने यह गड़बड़ी समाने आई। 
    आरजीपीवी ने इस मामले की पुलिस सहित साइबर सेल में जानकारी पहुंचा दी है। वहीं, बैंक प्रबंधन से भी जानकारी मांगी गई। कमेटी में इलेक्ट्रानिक्स डिपार्टमेंट के प्रो.एससी चौबे, इंग्लिश डिपार्टमेंट की प्रो. भाषा शुक्ला सहित लेखा अधिकारी सीके महेश्वरी को नियुक्त किया गया है। इस मामले में अधिकारियों का दावा है कि विश्वविद्यालय में जो चेक रखे हैं उनमें से किसी भी क्लाेनिंग नहीं हुई है। ऐसे किसी चेक का इस्तेमाल भी नहीं हुआ है, जिसके माध्यम से किसी को भुगतान किया जाना हो। वहीं, 10 से अधिक बार ट्रांजेक्शन कर इतनी बड़ी राशि निकाली गई है।