नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईसीसी विश्व कप (World Cup 2019) के लिए 15 सदस्यीय टीम (Team India) का ऐलान कर दिया. इसके साथ ही सोमवार (15 अप्रैल) को उन सारे कयासों पर विराम लग गया कि कौन से खिलाड़ी विश्व कप खेलने जाएंगे और किनका टिकट कटेगा. विराट कोहली की 15 सदस्यीय टीम पर नजर डालें तो उसमे हर वो बात है, जो किसी विश्व चैंपियन टीम में होनी चाहिए. इतना ही नहीं, उसमें कम से कम पांच वो खासियतें भी हैं, जो आज की किसी और टीम में नहीं हैं. यही वे खासियतें या ताकतें हैं, जो उसे विश्व कप जीतने का प्रबल दावेदार बनाती हैं. जानिए वे पांच खासियतें: 

सबसे कामयाब टॉप-3 बल्लेबाज
बैटिंग लाइन-अप की बात करें तो भारतीय टीम के टॉप-3 बल्लेबाज रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली हैं. विराट कोहली (Virat Kohli) क्रिकेट जगत में सचिन तेंदुलकर के बाद सबसे अधिक वनडे शतक लगाने वाले क्रिकेटर हैं. रोहित शर्मा ( Rohit sharma) वनडे में तीन दोहरे शतक लगा चुके हैं और शिखर धवन (Shikhar Dhawan) अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तब करते हैं, जब उनके सामने आईसीसी की कोई ट्रॉफी हो. धवन ने 2015 के विश्व कप में 51.50 की औसत से 412 रन बनाए थे. इसी तरह वे आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के 10 मैचों में 77.88 की औसत से 701 रन बना चुके हैं. विराट (41), रोहित (22) और धवन (16) ने कुल मिलाकर 79 शतक लगा चुके हैं. 

दुनिया का सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाज 
जसप्रीत बुमराह इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं. उनकी खासियत यह है कि वे ना सिर्फ नई गेंद से, बल्कि पुरानी गेंद से भी शानदार गेंदबाजी करते हैं. जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) फिलहाल दुनिया में सबसे बेहतरीन यार्कर करने वाले गेंदबाज हैं. इतना ही नहीं, वे नई गेंद को स्विंग कराने की क्षमता रखते हैं. उनका एक्शन और एंगल बल्लेबाजों की मुश्किलें और बढ़ा देता है. बुमराह 49 इंटरनेशनल वनडे मैचों में 85 विकेट ले चुके हैं.

दो बेहतरीन स्विंग गेंदबाज 
जसप्रीत बुमराह का साथ देने के लिए टीम इंडिया में भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) और मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) भी मौजूद रहेंगे. भुवी को स्विंग गेंदबाजी का सुल्तान कहा जा सकता है. उनकी सबसे बड़ी ताकत स्विंग गेंदबाजी है और ऐसी गेंदबाजी करने के लिए इंग्लैंड से मुफीद और कोई देश नहीं है. मेरठ का यह गेंदबाज 105 वनडे मैचों में 118 विकेट ले चुका है. मोहम्मद शमी पिछले एक साल में भारत के सबसे बेहतरीन गेंदबाज रहे हैं. वे नई गेंद से स्विंग कराने के साथ-साथ पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने में भी माहिर हैं.  वे 63 मैच में 113 विकेट ले चुके हैं. उन्होंने पिछले वर्ल्ड कप में सात मैचों में 17 विकेट लिए थे. 

दुनिया के दो सर्वश्रेष्ठ रिस्ट स्पिनर 
आगामी विश्व कप और पिछले विश्व कप में भारतीय टीम में सबसे बड़ा अंतर रिस्ट स्पिनर का ही है. भारतीय टीम पिछला विश्व कप खेलने गई थी, तो उसकी टीम में एक भी रिस्ट स्पिनर नहीं था. कप्तान विराट कोहली ने साल 2017 में टीम की यह कमजोरी पहचानी. उन्होंने इसके बाद रिस्ट स्पिनर चाइनामैन कुलदीप यादव  (Kuldeep Yadav) और लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को टीम में जगह दी. आज ये दोनों गेंदबाज भारतीय टीम की बड़ी ताकत हैं. युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) 41 वनडे में  72 विकेट ले चुके हैं. कुलदीप 44 मैच में 87 विकेट झटक चुके हैं. 

मैच विनर और विश्व विजेता विकेटकीपर
विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को इस टीम की सबसे बड़ी ताकत या पूंजी कहा जा सकता है. धोनी के लिए साल 2018 बेहद खराब गुजरा. इतना कि आलोचकों ने उन्हें टीम से बाहर करने की मुफ्त की सलाह भी देनी शुरू कर दी. लेकिन ना तो धोनी और ना ही उनके कप्तान विराट कोहली पर इसका असर हुआ. कोहली ने साफ कर दिया कि धोनी हर हालत में विश्व कप खेलेंगे. उनका यह भरोसा रंग लाया और साल 2019 आते ही धोनी रंग में लौट आए. अब वे ना सिर्फ रन बना रहे हैं, बल्कि मैच भी फिनिश कर रहे हैं. डीआरएस पर उनका अनुभव और अनुमान भारत को बहुत काम आने वाला है. साल 2011 में भारत को विश्व चैंपियन बना चुके धोनी ने 341 वनडे मैचों में 50.72 की औसत से 10500 रन बनाए हैं.