यूपी की रामपुर लोकसभा सीट पर हमेशा लोगों की निगाह रही है लेकिन हाल फिलहाल ये सीट समाजवादी पार्टी नेता आज़म ख़ान के विवादित बयान को लेकर चर्चा में है. आजम ख़ान के इस बयान के बाद से एक सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है. जया प्रदा के ठहरे हुए चुनाव प्रचार को भी धार मिल गई है. वहां के जानकारों की माने ते चुनाव प्रचार में लगे कार्यकर्ता मानों किसी ऐसे ही मौके की तलाश में थे.

इस बारे में रामपुर के वरिष्ठ पत्रकार तमकीन फैय्याज बताते हैं, बीजेपी को फिलहाल एक बड़ा हथियार मिल गया है. जया प्रदा पांच साल बाद यहां आई थी. लोग उनसे सवाल कर रहे थे. लोग पूछ रहे थे कि पांच साल बाद सिर्फ वोट मांगने आई हैं. बीजेपी कार्यकर्ता भी आज़म खान के बारे में जया के बयानों को लेकर उब से रहे थे.

बातचीत में बीजेपी कार्यकर्ता कहते थे कि जया अपना प्रचार करने की जगह आज़म खान का प्रचार कर रही हैं, लेकिन अब उन्हीं बीजेपी कार्यकर्ताओं को एक मुद्दा मिल गया है, आज़म खान पर हमला करने का. इस लिहाज से कहा जा सकता है कि अब बीजेपी अपना प्रचार तेज कर सकेगी.

जया प्रदा जब ये कह रही हैं ऐसी हालत में कोई महिला कैसे यहां चुनाव लड़ सकती है तो कम कम से महिलाएं उनकी बातें सुनेंगी. ये पूछे जाने पर क्या एक इसी मुद्दे से जया प्रदा लड़ाई में आ जाएंगी, तमकीन कहते हैं, लड़ाई में तो वे थी ही, दरअसल लड़ाई ही मोदी बनाम अन्य हो रही है, लिहाजा ये कैसे कहा जा सकता है कि बीजेपी लड़ाई में नहीं थी, हां इस बयान के बाद से ये भी हो गया है कि अब उन्हें हमला करने का मौका मिल गया है.

वहीं सपा की प्रवक्ता जूही सिंह ने इस मामले पर सुराक्षत्मक कदम उठाते हुए कहा है, “खासतौर से चुनावों के दौरान बीजेपी के कार्यकर्ता समाजवादी महिलाओं की शान में रोज गुस्ताखी करते हैं. हर रोज उनहें तरह-तरह के शब्दों से नवाज़ते हैं. पहले बीजेपी को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए.”

वही बीजेपी ने इस बयान को केंद्रीय स्तर पर भी गंभीरता के साथ उठाया है. बीजेपी नेता सुषमा स्वराज ने तो इसे महाभारत से जोड़ते हुए सीधे मुलायम सिंह को संबोधित करके कहा है कि वे भीष्मपितामह के समान हो गए हैं जहां चीरहरण किया जा रहा है.
आजम खान के इस बयान को चुनाव आयोग ने भी गंभीरता से लिया है और जिले के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से रिपोर्ट तलब की है.

वहीं इस बारे में सपा प्रवक्ता घनश्याम तिवारी का कहना है, हमारी पार्टी इस मुद्दे पर बिल्कुल स्पष्ट रही है. हमारे नेता अखिलेश यादव जी की भाषा देखिए, उनका व्यवहार देखिए उनके संस्कार देखिए उन्होंने हर किसी के सवाल का जवाब पूरी शालीनता से दिया है. हम चाहते हैं कि चुनाव जनता के मुद्दे पर हो. कोई कुछ बयान दे लेकिन अगर आपकी राजनीति में दम है तो हर बार आप इससे बाहर निकलकर जनता के मुद्दों पर बहस कर पाएंगे. और समाजवादी पार्टी चाहती है कि बहस जो हो वो जनता के मुद्दों पर हो.