राफेल मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल अवमानन याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जवाब तलब किया है. सोमवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंगन गोगोई ने कहा कि ऐसी बातें कहीं गईं, जो हमने नहीं कही.

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी स्पष्टीकरण मांगा है. बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने उनके खिलाफ ये याचिका दायर की थी, जिस पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. राहुल गांधी को सोमवार से पहले सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना है. कोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए सोमवार 22 अप्रैल की तारीख तय की है.

दरअसल, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने राफेल विमान सौदे को लेकर दाखिल पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि चोरी हुए गोपनीय दस्तावेज को भी कोर्ट स्वीकार किया जाएगा. जिसके बाद राहुल गांधी ने 9 अप्रैल को अमेठी सीट के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद संवाददाताओं से कहा था, 'अब सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट कर दिया है कि चौकीदार ने चोरी की है.' उन्होंने दावा किया कि शीर्ष अदालत ने स्वीकार किया है कि राफेल में कुछ भ्रष्टाचार है. उन्होंने कहा था कि मैं खुश हूं और मैं महीनों से यह कह रहा हूं कि प्रधानपमंत्री ने एयरफोर्स का पैसा अनिल अंबानी को दे दिया है और सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया है. सुप्रीम कोर्ट इसकी जांच करने जा रहा है.

इसके बाद बीजेपी सांसद और अधिवक्ता याचिकाकर्ता मीनाक्षी लेखी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि कांग्रेस अध्‍यक्ष की ओर से रैलियों में और अन्‍य माध्‍यमों से अपनी बात को सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर कहा जा रहा है. अपनी याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने अपनी व्यक्तिगत टिप्पणियों को शीर्ष अदालत के मुंह में डाला है और इस तरह उन्होंने गलत धारणा पैदा करने का प्रयास किया है. मीनाक्षी लेखी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कथित रूप से टिप्पणी की कि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया कि चौकीदार चोर है.