उत्तर प्रदेश के मथुरा के शेरगढ़ थानांतर्गत अगरयाला में खराब पड़े बोर के गड्ढे में दोपहर बाद 3.30 बजे एक बच्चा गिर गया। बच्चा करीब 100 फुट नीचे फंसा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई। सेना को रात को बुला लिया गया। एनडीआरएफ की टीम ने पहुंचते ही काम शुरू किया और विशेष बास्केट के सहारे उसे रात 11.57 बजे सकुशल बाहर निकाल लिया। इससे पहले बोरिंग के पास ही जेसीबी से खुदाई का काम शुरू कर दिया गया था। सीसीटीवी कैमरे से बच्चे की हरकतों को देखा जा रहा था। उसे बिस्कुट और जूस दिया गया था। एसडीएम छाता आरडी राम के अनुसार सेना रात 9 बजे पहुंच गई थी। 

मालूम हो कि अगरयाला स्थित हुकुम सिंह के खेत पर फसल कटाई का काम चल रहा है। यहां पर गांव के निवासी दयाराम की पत्नी सूरजो भी मजदूरी कर रही है। सूरजो के साथ उसके दो बच्चे गोलू और प्रवीन और जेठ तोता का बेटा पुष्पेंद्र भी खेत पर थे। तीनों बच्चे खेल रहे थे। शनिवार दोपहर मजदूर कर रही महिलाओं और बच्चों ने खेत पर एक पेड़ के नीचे बैठकर खाना खाया और उसके बाद महिलाएं काम करने लगीं। करीब 3:30 बजे खेलते समय दयाराम का पुत्र 5 वर्षीय प्रवीन बोर के गड्ढे में गिर गया। यह बोरिंग खराब हो चुकी है और काफी गहरी है। बोरिंग का मुहाना करीब 9 फुट चौड़ा है। प्रवीन के गड्ढे में गिरते ही बच्चों ने शोर मचा दिया। ये सुनकर खेत पर काम कर रही प्रवीन की मां सूरजो तथा अन्य महिलाएं दौड़ आईं। कुछ ही देर में यह खबर गांव पहुंच गई और ग्रामीणों की भीड़ वहां एकत्र हो गई।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम फायर ब्रिगेड और दो एंबुलेंस भी वहां पहुंच गईं। जेसीबी से गड्ढा खोदना शुरू कर दिया गया। उधर बच्चे को ऑक्सीजन देने के लिए चौमुहां स्वास्थ्य केंद्र से लाए गए ऑक्सीजन सिलेंडर से पाइप लगाकर गड्ढे में डाला गया। देर शाम गाजियाबाद से एनडीआरएफ की 50 सदस्यीय टीम यहां पहुंच गई है। दूसरी ओर बोरिंग के निकट जेसीबी से खुदाई शुरू कर दी गई है। बच्चे को रस्सी के सहारे पानी, बिस्कुट और जूस पहुंचाया गया है। गड्ढे में सीसीटीवी कैमरा डालकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरा डालने पर पता लगा कि बच्चा करीब 100 फुट गहराई पर एक पाइप को पकड़कर लटका हुआ था।