आम आदमी पार्टी के नेता और कवि कुमार विश्वास ने एक बार फिर अरविंद केजरीवाल पर तंज किया है. अपना वोट डालने के बाद उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी एक व्यक्ति की संस्था है. वो दूसरी पार्टी से गठबंधन के लिए भीख मांग रही है. उन्होंने कहा, देश का सबसे बड़ा पर्व चल रहा है. आशा करता हूं कि लोग आने वाले पांच साल को देखकर वोट करेंगे. चुनाव में किसी नेता का नाम लेना ठीक नहीं है. निवार्चन आयोग को थोड़ा कड़ा व्यवहार करना चाहिए. धर्म के नाम पर वोट नहीं देना चाहिए.

कुमार विश्वास अब केजरीवाल को बिना कोसे कुछ कहना पसंद नहीं करते. हालांकि उन्होंने कभी केजरीवाल के मंच को अपने गीतों से जोरदार आवाज दी थी.  अब जबकि गीतों के इस कुमार पर आम आदमी पार्टी का विश्वास नहीं रह गया तो वे अपना ध्यान कवि सम्मेलन या फिर कहा जाए शो पर ज्यादा लगा रहे हैं. जब भी मौका आता है वे पार्टी और उसके कुछ नेताओं पर तंज कस देते हैं. 
इन दिनों आम आदमी पार्टी दिल्ली और हरियाणा में कांग्रेस से गठबंधन करने के लिए परेशान है. इस पर कुमार कई बार तल्ख टिप्पणी कर चुके हैं. 13 मार्च को उन्होंने

एक ट्वीट कर कहा था, "दो दिन पहले आत्ममुग्ध बौना”पूर्ण राज्य” जैसे अप्रासंगिक विषय पर राहुल गांधी को कोस रहा था....आज हरियाणा के लिए फिर उसी द्वार पर “ललायित” है. बौने के ट्वीटर लिलिपुट-चिंटूओ,इस कायर-मनोरोगी की सत्तालिप्सा के लिए क्यूँ रोज़ गालीयाँ खाते हो?"
कभी कुमार के खास रहे अरविंद केजरीवाल ने उन्हें पार्टी से बाहर तो नहीं किया है लेकिन न तो संगठन में कोई हैसियत रखी है न ही सरकार में. अब जब केजरीवाल दिल्ली में उसी कांग्रेस से गठबंधन करने के लिए परेशान हैं जिसे हराकर सत्ता में आए थे, तो कुमार की सख्त टिप्पणी का अंदाजा लोग लगा ही रहे थे. अब ऐसा दौर चल रहा है जिसमें आम आदमी पार्टी के कई वरिष्‍ठ नेताओं का कुमार से बचा हुआ ‘विश्‍वास’ भी उठ रहा है.