आचार्य अशोकानंद महाराज को पूर्वी दिल्ली की सकरपुर थाना पुलिस ने ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोप है कि अशोकानंद अपने भक्तों को पैसा दोगुना करने का झांसा देकर पैसा ऐंठ लिया करता था.  शिकायत दर्ज होने के बाद भी अशोकानंद पुलिस से सहयोग नहीं कर रहा था. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक अब तक अशोकानंद के खिलाफ 15 लोगों ने करीब 70 लाख रुपये की धोखेबाजी करने की शिकायत दर्ज कराई है. ठगी का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है.

डीसीपी जसमीत सिंह ने बताया कि अशोकानंद महाराज को दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव से गिरफ्तार किया है. वह बिसरख गांव का ही रहने वाला है. खासतौर पर महिला भक्‍तों को अपने जाल में फंसाता था. उन्‍हें बातें समझाकर उनसे कंपनी में पैसे लगवाता और ज्‍यादा ब्‍याज पर पैसा वापस करने का झांसा देता रहता था.

पुलिस के मुताबिक महाराज अशोकानंद धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया करता था. धार्मिक प्रोग्राम में शामिल होने वाले लोगों को वह मोहन इंफ्रामार्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में मासिक निवेश करने के लिए समझाता और जब लोग उसकी कंपनी में निवेश करते तो उन्‍हें पैसा वापस नहीं करता. उल्‍टा जब पैसा वापस देने का समय आता तो भक्‍त को दोबारा इन्‍वेस्ट करने का झांसा दे देता था.

बताया गया कि अशोकानंद महाराज के खिलाफ नवंबर 2018 को 14 लाख 30 हज़ार रुपये चीटिंग की शिकायत दर्ज की गई. इसके बाद और लोगों ने शिकायत की. पीड़ितों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर महाराज को जांच में सहयोग के लिए नोटिस भेजा गया लेकिन उसने जांच में सहयोग नहीं किया. इस बीच उसने सत्र न्‍यायालय और हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी जो खारिज कर दी गई. इस दौरान पुलिस लगातार उसे ढूंढती रही. हालांकि बृहस्‍पतिवार को मिली जानकारी के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.