इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) फिर से जीतती है तो दोनों देशों के बीच शांति बहाली के लिए बेहतर मौका होगा. विदेशी मीडिया से बातचीत करते हुए पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह भी कहा कि यदि विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्‍व में भारत में अगली सरकार बनती है तो दक्षिणपंथियों के भय की वजह से शायद वह कश्‍मीर के मुद्दे पर बातचीत के लिए आगे नहीं बढ़े.

इमरान खान ने इंटरव्‍यू के दौरान कहा कि यदि बीजेपी जीतती है तो इस बात की संभावना है कि कश्‍मीर के मुद्दे का कोई समाधान निकल जाए. हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि मोदी के दौर में कश्‍मीरी मुस्लिम और भारत के मुस्लिम हाशिए पर हैं. उन्‍होंने कहा कि कई साल पहले तक भारतीय मुस्लिम यहां पर अपनी स्थिति को लेकर बेहद खुश थे लेकिन भारत में बढ़ते उग्र हिंदू राष्‍ट्रवाद के कारण अब वे बेहद चिंतित हैं.

बेंजामिन नेतन्‍याहू से तुलना
इमरान ने पीएम मोदी की तुलना इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू से करते हुए कहा कि उनकी राजनीति भय और राष्‍ट्रवाद की भावना पर आधारित है. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपने घोषणापत्र में कश्‍मीर को दिए विशेष अधिकारों (35-ए) को खत्‍म करने का वादा किया है. इस पर टिप्‍पणी करते हुए इमरान ने कहा कि हो सकता है कि ये चुनावी नारा हो लेकिन ये बेहद चिंता की बात है.

उल्‍लेखनीय है कि 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद (JeM) के आत्‍मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए. इस घटना के बाद भारत और पाकिस्‍तान के रिश्‍तों में तल्‍खी बढ़ गई. पाकिस्‍तान ने इसमें अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया था, हालांकि जैश-ए-मोहम्‍मद ने इस हमले की जिम्‍मेदारी ली थी. उसके बाद भारत ने पाकिस्‍तान के भीतर घुसकर एयर स्‍ट्राइक की थी.

आतंकवाद
आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए इमरान खान ने कहा कि इस्‍लामाबाद पाकिस्‍तान के भीतर सभी आतंकी संगठनों को समाप्‍त करने के लिए संकल्‍पबद्ध है और इस कार्यक्रम में पाकिस्‍तान की सेना का पूरा समर्थन प्राप्‍त है. इसके तहत उन संगठनों को भी समाप्‍त किया जाएगा तो कश्‍मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं.