मुंबई । देश की मशहूर कंपनी वोडाफोन-आइडिया अपने कर्ज को चुकाने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का राइट्स इश्यू ला रही है। कंपनी इसमें से 18 हजार 500 करोड़ रुपये वह कर्ज चुकाने में खर्च कर सकती है। कंपनी दूरसंचार विभाग (डीओटी) को स्पेक्ट्रम का बकाया भुगतान करने सहित दूसरे कर्ज की अदायगी के बाद बची रकम का इस्तेमाल दूसरे खर्चों में कर सकती है। सोमवार को टेलीकॉम मार्केट लीडर की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, वह जियो और एयरटेल से मुकाबले के लिए 4जी नेटवर्क की विस्तार की खातिर वित्त वर्ष 2019 और 2020 में 33,200 करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर करेगी। देश की सबसे बड़ी कंपनी ने कहा, 'राइट्स इश्यू से हासिल होने वाली रकम में से 18,674.79 करोड़ रुपये डीओटी (के डेफर्ड पेमेंट लायबिलिटी) का पेमेंट करने और ब्याज सहित कुछ उधारी चुकाने में खर्च किए जाएंगे। बाकी 6220 करोड़ रुपये जनरल कॉरपोरेट परपज के लिए होंगे।' देश का सबसे बड़ा राइट्स इश्यू माना जा रहा कंपनी का ऑफर 10 से 24 अप्रैल तक खुला रहेगा और इसके जरिए 12.50 रुपये के रेट से 1,999.98 करोड़ इक्विटी शेयर इश्यू किए जाएंगे। कंपनी का स्टॉक बीएसई पर सोमवार को 5.5फीसदी चढ़कर 17.20 रुपये पर बंद हुआ। 
कंपनी के प्रमोटर शेयरहोल्डर्स- वोडाफोन ग्रुप और आदित्य बिड़ला ग्रुप क्रमश: 11 हजार करोड़ रुपये और 7,250 करोड़ रुपये तक के शेयर सब्सक्राइब करेंगे, जिससे कंपनी में उनका कंबांइड स्टेक मौजूदा 71 प्रतिशत से बढ़कर 73 प्रतिशत हो जाएगा। वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के मर्जर से आठ महीने पहले बनी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया ने कहा कि फिस्कल ईयर 2019 और 2020 में उसका क्युमुलेटिव फ्रेश कैपेक्स 27,000 करोड़ रुपये होगा जबकि 6,200 करोड़ रुपये की रकम लोकेटेड इक्विपमेंट के रियूज के लिए अलग रखे गए हैं। वोडाफोन आइडिया ने कहा कि उसका फोकस प्रॉफिटेबल डिस्ट्रिक्ट्स पर बना रहेगा। कंपनी ऑपरेटिंग एक्सपेंडिचर घटाने और अहम परफॉर्मेंस इंडिकेटर एआरपीयू बढ़ाने में भी फोकस बनाए रखेगी। सितंबर 2016 में मुकेश अंबानी की कंपनी जियो की एंट्री से मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों के एआरपीयू में तेज गिरावट आई थी। वोडाफोन आइडिया ने अपने सभी सर्विस एरिया में अहम डिस्ट्रिक्ट्स की पहचान की हुई है, जहां से उसे ज्यादा रेवेन्यू मिलता है। कंपनी एडिशनल इनवेस्टमेंट इन्हीं इलाकों में करेगी।