सुख-समृद्धि की चाह हम सबको अपने जीवन में होती है। जिसके लिए हर कोई जीवन में निरंतर प्रयास और मेहनत करता है लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि हमारे अथक प्रयासों और कड़े परिश्रम के बाद भी हम असफल रहते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार आपकी प्रगति में आने वाली बाधाओं के पीछे वास्तुदोष भी हो सकता है। जिस व्यक्ति को धनाभाव हो या उन्नति रूकी हुई हो तो वास्तु से संबंधित दोष भी इसके लिए उसके घर में मौजूद वास्तुदोष भी जिम्मेदार हो सकते हैं। घर की बनावट या संरचना में यदि वास्तु के मुताबिक दोष है तो यह आपकी असफलता और धनहानि का कारण बन सकता है। आज हम आपको ईशान कोण( दिशा) से संबंधित दोष के बारे में बताएंगे साथ ही इस स्थिति से निपटने के लिए किन उपायों को प्रयोग ला सकते हैं यह भी बताते हैं।

वास्तु के अनुसार घर में मौजूद गलत संरचना या बनावट पूरे घर को प्रभावित करती है। यह घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, पूर्व और उत्तर दिशाएं जहां पर मिलती हैं उस स्थान को ईशान दिशा कहते हैं। घर में यह जगह ईशान कोण कहलाती है। वास्तु के अनुसार, इस कोण पर देवताओं और आध्यात्मिक शक्तियों निवास करती हैं। यह घर का सबसे पवित्र कोना माना गया है। भगवान शिव भी उत्तर-पूर्व दिशा में रहते हैं और उनका एक नाम भी ईशान है, इसलिए यह कोण ऊर्जा का स्रोत और शक्तिशाली माना गया है। बृहस्पतिदेव और मोक्षदायी केतु भी इसी जगह रहते हैं। इसलिए यह कोण और भी शुभ माना जाता है। जानिए इसके गलत संरचना से कैसे नुकसान उठाना पड़ सकता है।
यदि यह कोण ऊंचा हो तो धन हानि होती है, उन्नति रूक जाती है। यदि ईशान कोण में उत्तरी दिशा की लंबाई घट रही हो तो उस मकान की गृहस्वामिनी को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। यह कोण भारी, अस्वस्थ, सूखा आदि हो तो गृहस्वामी की उन्नति के समान धनवृद्धि नहीं हो पाती है।
यदि इस कोण में शौचालय, नगर निकासी या कोई अन्य गंदगी है तो धन संबंधी परेशानी रहती है। उन्नति में बाधा रहती है। सेप्टिक टैंक इस कोण में होने पर आर्थिक हानि होती है। इस दोष को दूर करने हेतु उपाय के रूप में टैंक के ढक्कन को लाल रंग से रंगने पर दोष का प्रभाव दूर हो जाता है।
इस दिशा(कोण) में टॉयलेट होने पर व्यक्ति का जीवन तबाह हो जाता है, उन्नति रुक जाती है, धन-हानि होती है। दोष दूर करने के लिए उपाय के रूप में दर्पण लगाना शुभ रहता है। पानी भरा बर्तन रखना चाहिए। फिश एक्वेरियम रखना चाहिए।

इस कोण में सीढ़ियां कर्जवृद्धि आर्थिक तंगी देती है। यदि यह कोण कट या घट जाए तो भयंकर आर्थिक संकट आता है। यदि इस कोण में सीढ़ियां, किचन, कबाड़खाना आदि है तो आर्थिक तंगी रहती है। इस दिशा में शौचालय, सीढ़ी, पानी की टंकी नहीं होनी चाहिए।
इस कोण को अन्य सभी कोण से नीचा रखना चाहिए। इसे बड़ा, खुला हल्का,स्वच्छ व सुगंधयुक्त रखना चाहिए। बर्फ से ढंके कैलाश पर्वत पर साधना मुद्रा में भगवान श्री शिवजी, जिनके भाल पर चंद्र हो और जटा से गंगाजी निकल रही हों, की तस्वीर लगाना चाहिए।