अहमदाबाद: गुजरात के एक मंत्री ने पौराणिक कथाओं का हवाला देकर राहुल गांधी को विष पीने और उसके बाद जिंदा रहकर दिखाने की चुनौती देकर नये विवाद को जन्म दे दिया है. मंत्री ने कहा कि अगर राहुल वाकई शिव के ‘अवतार’ हैं जैसा कि उनके पार्टी कार्यकर्ता दावा करते हैं तो वह विष पीकर जिंदा रह कर दिखाएं. सूरत के बारदोली में एक जनसभा में गुजरात जनजातीय विकास मंत्री गणपत वासवा ने कहा कि गांधी “शिव के अवतार” हैं, यह तभी सही माना जाएगा अगर वह “500 ग्राम जहर के सेवन” के बाद जीवित रह जाएं. वासवा ने कहा, “कांग्रेस के लोग दावा करते हैं कि राहुल गांधी शिव का अवतार हैं. 

अब, क्योंकि भगवान शिव ने लोगों को बचाने के लिए विष को पी लिया था , मैं चाहता हूं कि कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने नेता को 500 ग्राम जहर पीने के लिए दें. ” वासवा ने कहा, “अगर जहर पीने के बाद वह भगवान शिव जैसे जीवित रह जाएं तो हम सभी मान लेंगे कि वह शिव के सच्चे अवतार हैं. ”

भाजपा मंत्री के शिव वाले इस तंज से बौखलाई कांग्रेस ने इसे “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया है और कहा है कि यह पार्टी के “वास्तविक चरित्र” को दर्शाती है जो चुनाव में हार के डर से सामने आ रहा है. गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा, “हमारे नेता के बारे में ऐसी टिप्पणियां अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं.  यह भाजपा एवं उसके नेताओं के वास्तविक चरित्र को दर्शाता है. 

वह कुंठा से ऐसे बयान दे रहे हैं क्योंकि उन्हें लोकसभा में उनकी हार नजर आ रही है.” आपको बता दें कि राहुल गांधी के कैलाश मानसरोवर यात्रा से वापसी के बाद कांग्रेसी नेताओं ने उन्हें "शिव भक्त" बताया था. राहुल गांधी पिछले हुए विधानसभा चुनावों के दौरान अलग-अलग मंदिरों में दर्शन के लिये पहुंचे थे. इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लगाये गये कुछ पोस्टरों में उन्हें "शिव भक्त" भी बताया गया था.