जबलपुर। धर्म, वर्ग राजनीतिक भेदभाव से परे अपनी विशिष्टताओं और भव्य सांस्कृतिक समारोह के कारण देशभर में चर्चित गुंजन कला सदन का ‘रसरंग महोत्सव’ वास्तव में अद्भुत है। उपरोक्त आशय के विचार गुंजन द्वारा होलिका दहन की संध्या को शहीद स्मारक भवन में आयोजित २६वें रसरंग महोत्सव में उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने व्यक्त किए। स्व.श्रीमति  रेवारानी तिवारी को समर्पित इस वर्ष के आयोजन में राष्ट्र के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई हैं। परम्परानुसार द्वार  पर आमंत्रितों को साफा, माला, मुुकुट न पहनाते हुए केवल गुलाल के तिलक से उनका स्वागत संस्था के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, संस्थापक गौरीशंकर केसरवानी, संयोजक सुरेश सराफ, अध्यक्ष जयप्रकाश माहेश्वरी, नरेन्द्र जैन, अजय अग्रवाल, अनिल पचौर, कमलेश रावत, रवि गुप्ता, रविकिरण साहू, रमेश पुरसवानी, सुरेश बसेड़िया, एड.राजेश दुबे, बच्चन श्रीवास्तव ने किया। अतिथि के रुप में मंत्री द्वय तरुण भनोट, लखन घनघोरिया, अजय विश्नोई विधायक, विनय सक्सेना, सुशील तिवारी ‘इंदु’, अशोक रोहाणी, संजय यादव एवं सांसद राकेश सिंह युवा उद्योगपति बाबू विश्वमोहन, कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम राजेश सोनकर सहित ने सभी उपस्थित जनों को होली की शुभकामनाएं देते हुए गुंजन के अनोखे आयोजन की प्रशंसा की। कार्यक्रम में नवरंग कत्थक कला केन्द्र के कलाकारों ने नृत्यगुरु मोती शिवहरे के निर्देशन मे लगभग २० नृत्य प्रस्तुत किए। प्रथम नृत्य में गणेश वंदना प्रस्तुत की गई। द्वितीय नृत्य ‘तीजा तेरा रंग.....’ देश भक्ति को समर्पित रहा। तीसरा नृत्य ‘रंग डारुंगी नंद के लालन पे’ श्रीमति रेवारानी तिवारी को समर्पित किया गया। तदुपरांत राष्ट्रीय एकता एवं आध्यात्म पर आधारित विभिन्न प्रांतों के होली गीतों पर नृत्य प्रस्तुत होंगे। समारोह का समापन राधाकृष्ण की फूलों की होली, ‘होली खेल रहे बांके बिहारी’ गीत पर हुआ। नृत्यांगनाओं में अंकिता गिनारा, अंशुल विश्वकर्मा, हर्षिता गुप्ता, प्रियल नाजपांडे, श्रीवाली मोहन, अदिति एवं पारुल कोरी, राधिका मिश्रा, अनन्या दुबे एवं आर्ची शर्मा ने दर्शकों की वाहवाही बटोरी। अतिथियों का स्वागत रमाकांत गौतम, नितिन भाटिया, अभय पचौरी, विक्की सोनी, नितिन पांडे, डॉ.अनामिका तिवारी, इंदिरा पाठक, रचना त्रिवेदी, विमला श्रीवास्तव, लायन अनिता जैन, बलविन्दर मान, भारती साहा, संगीता उपाध्याय आदि ने किया। आयोजन पर प्रकाश सुरेश सराफ ने डाला। संचालन प्रतुल श्रीवास्तव, विजय जायसवाल ने किया। आभार प्रदर्शन जयप्रकाश माहेश्वरी ने किया।