रायपुर। रायपुर लोकसभा सीट के इतिहास में अनोखा रिकार्ड दर्ज है। राजनीतिक गलियारों में आज भी उन सांसदों की चर्चा होती है, जिन्होंने काफी मशक्कत के बाद अपना नाम दर्ज कराया है। नए मतदाताओं को शायद यह जानकारी नहीं होगी कि रायपुर में वर्ष 1957 में रानी केशर कुमारी देवी ने कांग्रेस की ओर से सांसद का चुनाव जीता था।

सबसे दिलचस्प रिकार्ड वर्ष 1977 में भारतीय लोकदल के नेता व रायपुर सांसद रहे प्रत्याशी पुरुषोत्तम लाल कौशिक का है, जिन्होंने कुल मतदाताओं का 35.89 प्रतिशत मत हासिल किया था। जानकारों का कहना है कि उस समय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल को लेकर लोगों में भारी रोष था। इसका फायदा पुरुषोत्तम लाल कौशिक को मिला। वहीं वर्तमान सांसद रमेश बैस के सिर सातवीं बार यह ताज है।

लोकदल के प्रत्याशी ने खींची बड़ी लकीर

छत्तीसगढ़ राज्य के वरिष्ठ समाजवादी चिंतक और किसानों व मजदूरों के हितैषी के रूप में आज भी भारतीय लोकदल के वरिष्ठ नेता पुरुषोत्तम लाल कौशिक का नाम लिया जाता है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कौशिक ने छत्तीसगढ़ के गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी के लिए खूब काम किया।

कौशिक तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी भाई देसाई के मंत्रिमंडल में मार्च 1977 से जुलाई 1979 तक केंद्रीय पर्यटन और नागरिक विमानन मंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरणसिंह के मंत्रिमंडल में जुलाई 1979 से जनवरी 1980 तक केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री के रूप में काम किया।

वे वर्ष 1972 से 1977 तक तत्कालीन मध्यप्रदेश विधानसभा में महासमुंद क्षेत्र से विधायक रहे। इसके बाद वर्ष 1977 में देश की छठवीं लोकसभा के लिए रायपुर से सांसद निर्वाचित हुए।

राजा के बाद रानी ने चलाई सांसद की हुकूमत

वर्ष 1957 में रानी केशर कुमारी देवी के पहले रायपुर सांसद राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह रहे। उनके बाद रानी केशर देवी 23.59 मत हासिल कर सांसद निर्वाचित हुईं। हालांकि रायपुर लोकसभा सीट पर अविभाजित मध्यप्रदेश से वर्तमान छत्तीसगढ़ तक के लोकसभा चुनाव में अब तक कांग्रेस में सबसे अधिक मत पाने वालों में वर्ष 1984 में कांग्रेस के प्रत्याशी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केयूर भूषण का नाम है।

केयूर भूषण कांग्रेस पार्टी से अब तक सर्वाधिक 33.49 प्रतिशत मत (कुल मतदाताओं के आधार पर) हासिल कर चुके हैं। भाजपा से सबसे बेहतर रिकार्ड भाजपा प्रत्याशी रमेश बैस का है, जो सातवीं बार सांसद हैं। बैस ने वर्ष 2014 में 34.38 प्रतिशत मत हासिल किया था।

रायपुर में 13.17 से लेकर 35.89 प्रतिशत तक का रिकार्ड

बिलासपुर-दुर्ग-रायपुर सांसद के कार्यकाल के दौरान रायपुर में सबसे कम कांग्रेस के प्रत्याशी ने वर्ष 1952 में 13.17 प्रतिशत कुल मतदाताओं का मत हासिल किया। वहीं अब तक का सबसे अधिक कुल मतदाताओं का 35.89 प्रतिशत मत हासिल करने का रिकार्ड लोकदल के नेता पुरुषोत्तम लाल कौशिक के पास ही है।

पिछले वर्षों के लोकसभा चुनाव में ये रहे सांसद 

 

सामान्य सीट 

वर्ष प्रत्याशी पार्टी मत प्रतिशत 

 

1957 राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह कांग्रेस 24.10

रानी केशर कुमारी देवी कांग्रेस 23.59 

 

1962 रानी केशर कुमारी देवी कांग्रेस 20.47

1967 एल गुप्ता कांग्रेस 19.28

1971 विद्याचरण शुक्ला कांग्रेस 24.61 

1977 पुरुषोत्तम लाल कौशिक भारतीय लोकदल 35.89 

1980 केयूर भूषण कांग्रेस(आई) 24.17

1984 केयूर भूषण कांग्रेस 33.49

1989 रमेश बैस भाजपा 30.58

1991 विद्याचरण शुक्ला कांग्रेस 20.62 

1996 रमेश बैस भाजपा 22.91

1998 रमेश बैस भाजपा 30.64

1999 रमेश बैस भाजपा 30.13 

2004 रमेश बैस भाजपा 27.44

2009 रमेश बैस भाजपा 23.11 

2014 रमेश बैस भाजपा 34.38 

बिलासपुर-दुर्ग-रायपुर के सांसद 

1952 आगमदास कांग्रेस 15.36 

भूपेंद्रनाथ मिश्र कांग्रेस 13. 17

क्या है रायपुर सीट का वर्तमान गणित

रायपुर लोकसभा सीट पर वर्ष 1989 से 2014 तक हुए आठ चुनावों में सिर्फ एक बार 1991 में कांग्रेस को जीत मिली थी। वर्ष 2014 के चुनाव के समय विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र के अंदर आने वाली नौ सीटों में कांग्रेस को सिर्फ तीन सीटों पर ही जीत मिली थी। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि रायपुर संसदीय क्षेत्र में भाजपा की साख ज्यादा मजबूत थी। लेकिन अब समीकरण बदल गए हैं।

बलौदाबाजार में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे, भाटापारा में भाजपा, धरसींवा में कांग्रेस, रायपुर ग्रामीण में कांग्रेस, रायपुर पश्चिम में कांग्रेस, रायपुर दक्षिण में भाजपा, रायपुर शहर में कांग्रेस और अभनपुर में भी कांग्रेस के विधायक हैं।

कौशिक को मिला था रोष का फायदा 

- वर्ष 1977 में इंदिरा गांधी ने जब इमरजेंसी लगाई थी, उस समय देश के नेता तक जेल में ठूंसे गए थे। उस समय लोगों का कांग्रेस के प्रति आक्रोश था इसलिए लोगों ने भारतीय लोकदल के नेता पुरुषोत्तम लाल कौशिक को काफी मतों से जिताया था। - कस्तूरचंद बुरड़, वरिष्ठ व्यापारी