नई दिल्‍ली : पुलवामा आतंकी हमले के दोषी आतंकी मौलाना मसूद अजहर को लेकर फ्रांस ने बड़ा कदम उठाया है. फ्रांस सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की है कि वह फ्रांस में मौजूद आतंकी मसूद अजहर की सभी संपत्तियां जब्‍त करेगी. इसे भारत की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है. बता दें कि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के लिए फ्रांस ने अमेरिका और ब्रिटेन के साथ भारत का समर्थन किया है. लेकिन संयुक्‍त राष्‍ट्र की सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में चीन ने वीटो अधिकार का इस्‍तेमाल करते हुए इस पर अड़ंगा लगा दिया है.
चीन ने पाकिस्तान से अपनी पुरानी दोस्ती निभाते हुए चौथी बार यूएनएससी में अड़ंगा लगाया है. चीन ने अपने वीटो का इस्तेमाल करते हुए इस प्रस्ताव को रद्द करवा दिया. चीन 2009 के बाद से तीन बार अड़ंगा लगा चुका था. पुलवामा हमले के बाद, अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव फ्रांस, ब्रिटेन एवं अमेरिका की ओर से 27 फरवरी को रखा गया था.
बता दें कि 14 फरवरी को जम्‍मू और कश्‍मीर के पुलवामा में पाकिस्‍तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था. इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे. इसकी जिम्‍मेदारी मसूद अजहर के संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने ली थी. इसके बाद पाकिस्‍तान ने वैश्विक दबाव में चलते जैश के ठिकानों पर कार्रवाई की बात कही थी.

हालांकि पाक सरकार ने मसूद को बचाने के लिए जैश के आतंकी ठिकानों को मदरसा बताया था. भारतीय वायुसेना ने भी 26 फरवरी को पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में जैश के ठिकानों पर बम बरसाए थे. इसमें 200 से अधिक आतंकी मारे जाने की बात सामने आई थी.