भिंड। ‎भिंड लोकसभा सीट भाजपा के मजबूत किले में से एक है। इस सीट पर कभी विजयाराजे सिंधिया ने जीत दर्ज की है तो वहीं उनकी बेटी और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी इस सीट पर किस्मत आजमा चुकी हैं। वर्तमान में  इस सीट पर पिछले 8 चुनाव से भाजपा का ही कब्जा है। डॉ भागीरथ प्रसाद यहां के सांसद हैं। 1984 के चुनाव में वसुंधरा राजे ने यहां से चुनाव लड़ा था, लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस को इस सीट पर सिर्फ 3 बार जीत नसीब हुई है। भिंड के पहले आईएएस अफसर डॉ भागीरथ प्रसाद यहां के सांसद हैं।  
भिंड में पहला लोकसभा चुनाव साल 1962 में हुआ था। परिसीमन के बाद 1967 में यह सीट सामान्य हो गई। जनसंघ के वाई. एस कुशवाहा ने यहां पर विजय हासिल की। इस सीट पर राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया की मां विजयाराजे सिंधिया चुनाव जीत चुकी हैं। 1971 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के नरसिंह राव दीक्षित को हराया था। यहां पर पहले चुनाव में जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस को लगातार हार मिली। लेकिन 1980 में उसने एक बार फिर  वापसी की और कालीचरण शर्मा ने जीत हासिल की। 
1989 के चुनाव में बीजेपी ने यहां से उम्मीदवार बदल दिया। भाजपा ने इस बार नरसिंह राव दीक्षित को मौका दिया और उन्होंने पार्टी को निराश नहीं किया और जीत हासिल की। ये बीजेपी की यहां पर पहली जीत थी। इसके बाद इस सीट से भाजपा का जीत का ‎सिल‎सिला जारी रहा। 2009 के चुनाव में भी बीजेपी के अशोक अर्गल ने जीत हासिल की। उन्होंने तब कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े डॉ। भागीरथ प्रसाद को हराया था। 2014 के चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ चुके डॉ भागीरथ प्रसाद को उतारा। 2009 में हारने के बाद डॉ भागीरथ प्रसाद को यहां पर मोदी लहर में जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस की इमरती देवी को हराया। भिंड लोकसभा सीट के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं। यहां पर अटेर, भिंड, लहार, मेहगांव, गोहद, सेवढ़ा, भाण्डेर, दतिया विधानसभा सीटें हैं। इन 8 विधानसभा सीटों में से 5 पर कांग्रेस, 2 पर बीजेपी और 1 पर बसपा का कब्जा है। भिंड अपनी कलात्‍मक सौन्दर्य और वास्‍तु सुंदरता के लिए जाना जाता है। यह शहर चंबल नदी के बीहड़ के लिए भी प्रसिद्ध है, जहां कुछ समय पहले तक डाकुओं का राज़ रहा। चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक 2014 में भिंड लोकसभा सीट पर 1598169 मतदाता थे। यहां पर 890851 पुरूष और 707318 महिला मतदाता थे। 2014 के चुनाव में इस सीट पर 45.62 फीसदी मतदान हुआ था। संसद में उनके प्रदर्शन की बात करें तो डॉ भागीरथ प्रसाद की उपस्थिति 85 फीसदी रही। इस दौरान उन्होंने 26 बहस में लिया। उन्होंने संसद में 74 सवाल भी पूछे। डॉ। भागीरथ प्रसाद ने रेल, सेना के जवान, एससी-एसटी के खिलाफ अपराध से जुड़े सवाल पूछे। डॉ भागीरथ को उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। जो कि ब्याज की रकम मिलाकर 25.40 करोड़ हो गई थी। इसमें से उन्होंने 22.19 यानी मूल आवंटित फंड का 88.75 फीसदी खर्च किया।