भारतीय ज्योतिष में हर माह लगने वाले पंचक काल को शुभ नहीं माना गया है। इस समय किए गए कार्य अशुभ और हानिकारक फल देते हैं, ऐसा माना जाता हैं। अत: इस नक्षत्र का योग अशुभ माना जाता है।


इस पंचक काल के इन 5 दिनों में विशेष संभलकर रहने की आवश्यकता होती है, इसीलिए पंचक के दौरान कोई भी जोखिमभरा कार्य करने से बचना चाहिए। पंचक काल के समय में यात्रा करना, लेन-देन, व्यापार और किसी भी तरह के बड़े सौदे भी नहीं करने चाहिए, क्योंकि इससे धन हानि हो सकती है।

यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत है वर्ष 2019 में आने वाले पंचक की तारीखें, पंचक का प्रारंभ काल और पंचक समाप्ति (घ.मि.) का समय। आइए जानें...

जनवरी पंचक

9 जनवरी- 14 जनवरी 12:53 मिनट तक।

फरवरी पंचक

5 फरवरी- 19:35 से 10 फरवरी 19:37 मिनट तक।

मार्च पंचक

4 मार्च- 25:44 से 9 मार्च 25:18 मिनट तक।

अप्रैल पंचक

1 अप्रैल 08:21 से 6 अप्रैल 07:22 मिनट तक।

28 अप्रैल 15:45 से 3 मई 14:40 मिनट तक।

मई पंचक

25 मई 23:43 30 मई 23:03 मिनट तक।

जून पंचक

22 जून 07:39 से 27 जून 07:44 मिनट तक।

जुलाई पंचक

19 जुलाई 14:58 से 24 जुलाई 15:42 मिनट तक।

अगस्त पंचक

15 अगस्त 21:28 से 20 अगस्त 22:29 मिनट तक।

सितंबर पंचक

12 सितंबर 03:28 से 17 सितंबर 04:22 मिनट तक।

अक्टूबर पंचक

9 अक्टूबर 09:41 से 14 अक्टूबर 10:20 मिनट तक।

नवंबर पंचक

5 नवंबर 16:47 से 10 नवंबर 17:19 मिनट तक।

दिसंबर पंचक

2 दिसंबर 24:57 से 7 दिसंबर 25:28 मिनट तक।

30 दिसंबर 09:35से 4 जनवरी 10:05 मिनट तक।