ग्वालियर। नगर विकास के लिए लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2019-20 में आय-व्यय दिखाते हुए महापौर विवेक शेजवलकर ने अपने कार्यकाल का आखिरी 1901 करोड़ का बजट पेश किया। जिसमें अमृत योजना में सीवर-पेयजल, मुख्यमंत्री अधोसंरचना, प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबो के आवास, सड़कों के साथ अन्य विकास कार्यो पर खर्च कर लगभग 28.64 करोड़ से ज्यादा का घाटा दिखाया, तो बजट में चंबल से पानी लाने, पार्क विकसित करने व स्वच्छता रैकिंग में 28 वें स्थान पाने को गुडबुक रैकिंग में दर्ज किया। साथ ही बीते वित्तीय वर्ष से लगभग 400 करोड़ ज्यादा खर्च के बाद भी अलावा बजट में पुरानी योजनाओं पर दांव लगाया गया है, तो स्मार्ट सिटी कार्यो का उल्लेख नहीं किया है। 
शुक्रवार को जलबिहार में दोपहर 3 बजे महापौर विवेक शेजवलकर आगामी वित्तीय वर्ष का आय-व्यय लेखा-जोखा लेकर परिषद में आए। साथ ही उन्होंने 40 मिनिट में बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए आयुक्त विनोद शर्मा द्वारा 1878 करोड़ आय पर 1899 करोड़ व्यय के साथ 5 प्रतिशत रक्षित निधि 22.16 करोड़ शामिल करते हुए 1921 करोड़ का बजट प्रस्ताव 43.07 करोड़ के घाटे दिखाते हुए लाया गया था। जिसके बाद एमआईसी ने 1872 करोड़ की आय व 1881 करोड़ का व्यय के साथ 5 प्रतिशत रक्षित निधि 19.42 करोड़ को शामिल करते हुए 1901 करोड़ का अनुमानित बजट पटल पर पेश किया। जिसमें 28.64 करोड़ का शुद्ध घाटा दिखाया गया और  अमृत योजना, चंबल योजना, हाउसिंग फॉर आॅल सहित अन्य योजनाओं का जिक्र के अलावा हो चुके या चल रहे कामों को लेकर  बाते रखी। लेकिन पूरे बजट में आने वाले समय में निगम क्या नए कार्य करेगा, इसका उल्लेख नहीं दिखा। हालांकि प्रस्ताव पेश होते ही सभापति राकेश माहौर ने कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रृंद्धाजली देने के प्रस्ताव पर चर्चा कराई। 
25 तक ली जाएगी आपत्ति, 28 को बैठक 
सभापति ने संशोधन लगाने के लिए 25 फरवरी शाम 5.30 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। बजट पास कराने के लिए 28 फरवरी दोपहर 3 बजे बैठक बुलाई गई है। इसमें चर्चा के बाद बजट पास किया जाएगा। बजट बैठक के अंत में शहीद सैनिकों के सम्मान में दो मिनिट का मौन रख बैठक स्थिगित कर दी गई। 
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शहीदों के लिए पार्षदों ने दिया एक माह का मानदेय 
परिषद में नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित ने फरवरी माह का मानदेय शहीद वेलफेयर के लिए देने की घोषणा की। इसके बाद वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद जगत सिंह कौरव ने भी मानदेय देने के लिए कहा। इस पहल पर सभी पार्षदों ने एक माह का मानदेय देने की सहमति दी। पार्षदों को प्रत्येक माह 6 हजार रुपए मानदेय मिलता है। परिषद में कुल 66 पार्षद हैं और इन सभी का मानदेय 3.96 लाख होता है। यह राशि शहीद वेलफेयर फण्ड में जमा कराई जाएगी। 
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पाकिस्तान के साथ युद्ध ही अंतिम विकल्प
पुलवामा में सैनिकों पर आत्मघाती हमले को लेकर सत्ता-विपक्ष के पार्षदों ने जमकर विरोध किया और भाजपा पार्षद बलवीर सिंह तोमर ने सैनिकों की शहादत का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के साथ युद्ध को ही अंतिम विकल्प बताया। नेता प्रतिपक्ष कृष्ण राव दीक्षित ने आर्थिक प्रतिबंध एवं युद्ध का समर्थन किया। युद्ध को लेकर एमआईसीस सदस्य धर्मेन्द्र राणा ने कहा कि हमारा शीर्ष नेतृत्व एवं तीनों सेनाओं के अध्यक्ष बेहतर निर्णय लेंगे।  
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बीते वित्तीय वर्ष से है 396 करोड़ ज्यादा 
चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए महापौर विवेक शेजवलकर ने लगभग 1505 करोड़ का बजट पेश किया था और अब चालू होने वाले वित्तीय वर्ष का बजट 1901 करोड़ का रखा गया है। जो चालू वित्तीय वर्ष से लगभग 396 करोड़ ज्यादा है।