नई दिल्ली । देश में मोटरसाइकिलों और स्कूटरों के प्रति लोगों का क्रेज कम होने के कारण घरेलू बाजार में जहां दोपहिया वाहनों की बिक्री की गति धीमी पड़ गई है, वहीं चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी अवधि में दोपहिया वाहनों के निर्यात में 19.49 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के हालिया आंकड़े यह दर्शाते हैं। मोटरसाइकिलों और स्कूटरों के निर्यात में तेजी के चलते दोपहिया वाहन के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जनवरी में 27,59,935 दोपहिया वाहनों का निर्यात किया गया। एक साल पहले की इसी अवधि में यह आंकड़ा 23,09,805 वाहन था। आलोच्य अवधि में 24,12,800 मोटरसाइकिलों का निर्यात विदेशी बाजारों में किया गया। पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 20,34,250 इकाइयों का था। यह 18.61 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। सियाम ने कहा है कि आलोच्य अवधि में स्कूटरों का निर्यात 26.67 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,32,197 इकाई हो गया। वहीं, मोपेड के निर्यात में 12.3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इस दौरान भारत से 14,938 मोपेड का निर्यात किया गया। उद्योग पर नजर रखने वालों ने बताया है कि अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे देशों में स्थिति में सुधार से भारत से दोपहिया निर्यात में बढ़ोत्तरी हुई है। अप्रैल 2018 से जनवरी 2019 के बीच दोपहिया वाहनों के निर्यात के मामले में बजाज ऑटो पहले स्थान पर रहा। उसने 14,50,766 वाहनों का निर्यात किया, जो 24.87 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।