उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब पीने से हुए दो बड़े हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है. इस मामले में 175 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है. जबकि 297 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं. यूपी के सहारनपुर में 64 और कुशीनगर में 11 मौतों की खबर मिली है. मामला सामने आने के बाद योगी सरकार ने इस त्रासदी की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और पुलिस और आबकारी विभाग के कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया. अवैध शराब के खिलाफ यूपी सरकार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है.

सहारनपुर जिले के नागल, गागलहेड़ी और देवबंद थाना क्षेत्र के कई गांवों में जहां देर रात जहरीली शराब पीने से अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 22 लोग अस्पताल में भर्ती है. हादसे के बाद शनिवार को सहारनपुर के डीएम आलोक कुमार पांडेय और एसएसपी दिनेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 36 लोगों की मौत सहारनपुर के अलग-अलग गांवों में हुई है. जबकि 11 लोगों ने मेरठ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अवैध शराब के कारोबार से जुड़े हुए 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बाकी लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापेमारी कर रही हैं.

गौरतलब है कि जहरीली शराब की बिक्री को रोकने की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की होती है. लेकिन देखा गया है कि राज्य में अवैध शराब माफियाओं का हौसला हमेशा बुलंद ही रहता है. अखिलेश सरकार में उन्नाव और लखनऊ में जहरीली शराब पीने से 33 लोगों की मौत हो गई थी. उस वक्त भी कार्रवाई की बात कही गई थी.