लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कमर कसना शुरू कर दिया है. इसी क्रम में पहला कदम प्रत्याशी चयन को लेकर चल रहा है. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के मुताबिक पर्टी राहुल गांधी के फार्मूले के तहत फरवरी के आखिरी तक प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर देगी. वहीं चुनाव में जीत के लिए पार्टी के लोकसभा कमेटी का दल सलमान खुर्शीद के साथ पंद्रह फऱवरी को भोपाल आएगा. जिसमें प्रदेश के जुड़े मुद्दों को वचन पत्र में शामिल करने पर चर्चा होगी.

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस किसी भी सूरत में बीजेपी को किसी भी सीट पर वॉकओवर देने के मूड में नहीं है. पिछले दिनों राहुल गांधी की भोपाल रैली के दौरान राहुल गांधी के मंच पर ज्योतिरादित्य सिंधिय़ा के सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने की हुंकार से साफ है कि पार्टी के चुनावी सुर अब पूरी तरह से बदल गए हैं. अब तक प्रदेश में बीस से चौबीस सीटें जीतने का दम भर रहे कांग्रेस नेताओं को राहुल गांधी ने दो टूक सभी 29 सीटें जीतने का टास्क दिया है.

राहुल गांधी ने भी पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग के दौरान यह बात रखी थी. राहुल गांधी ने रैली से पहले नेताओं से अलग से चर्चा कर कांग्रेस सरकार के फैसलों और उस पर हुए अमल के जरिए सभी सीटें जीतने के लक्ष्य पर काम करने को कहा है और यहीं कारण है कि अब कांग्रेस ने बीजेपी के 29 सीटें जीतने के टारगेट को अपना नया लक्ष्य बना लिया है.
2014 के लोकसभा चुनाव नतीजों में मोदी लहर के कारण कांग्रेस और दूसरे दलों का वोट बैंक खिसक कर बीजेपी के खाते में चला गया था. बीते चुनाव में 54.8 फीसदी वोट बैंक के साथ बीजेपी ने 27 सीटें जीती थी. जबकि कांग्रेस को महज दो सीट मिली थी. बीजेपी को कांग्रेस से 19 फीसदी ज्यादा वोट शेयर हासिल हुए थे.