अयोध्या मंडल कारागार में निरुद्ध दो बंदी के गुटों में शुक्रवार की  देर रात हुई मारपीट के बाद बवाल हो गया। बंदियों के मारपीट के बाद हालात इस कदर बिगड़ गए कि जेल प्रशासन को बाहर से पुलिस फोर्स मंगवानी पड़ी। मौके पर पुलिस फोर्स के सुरक्षा घेरे में है मंडल कारागार और जिलाधिकारी डॉ अनिल कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जोगेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर अनिल सिंह सिसोदिया, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय कुमार सहित कई क्षेत्राधिकारी और भारी पुलिस अमला मंडल कारागार के अंदर है और जांच कर रहा है।
सूत्रों की मानें तो विवाद की वजह एक मोबाइल का मिलना बताया जा रहा है। मोबाइल के संबंध में दी गई सूचना के बाद बंदियों की एक गुट ने एक लंबरदार की पिटाई कर दी। जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। उसका इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। कारागार से निरीक्षण के बाद वापस बाहर निकले जिलाधिकारी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि फिलहाल हालात सामान्य है। बंदियों के गुटो के प्रतिनिधि से कई चक्र बातचीत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जल्दी हालात सामान्य हो जाने की उम्मीद है। हालांकि प्रशासन ड्रोन कैमरे की भी मदद से जेल परिसर की निगरानी करने की योजना बना रहा है। बताया जा रहा है कि बंदियो ने सिलेंडर को अपने पास अनहोनी के रख लिया था। हालांकि जिलाधिकारी ने इस बात की पुष्टि नहीं की।
सीढ़ियों के सहारे बंदियों से बात करने की कोशिश

मंडल कारागार में बंदियों के दो गुटों में हुए बवाल के बाद अभी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। जिलाधिकारी डॉ अनिल पाठक सहित आला प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी प्रशासन लगातार बंदियों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे है। बावजूद इसके कोई सकारात्मक हल नहीं निकलने की वजह से  तनाव का माहौल है। इस बीच अग्निशमन विभाग के सीढ़ियों को उपयोग में लाया जा रहा है। जिनके सहारे प्रशासन बंदियों से बात करने की कोशिश में है। बीते लगभग 6 घंटे से मंडल कारागार में बंदियों से बातचीत करने की कोशिश बेनतीजा साबित हुई है। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से अन्य थानों की फोर्स को भी बुला लिया गया है। चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रशासनिक अधिकारी मामल डटा हुआ है।