भयमुक्त समाज की परिकल्पना का दावा करने वाली भाजपा सरकार ने बजट में पुलिस के लिए भरपूर खजाना खोल दिया है। पुलिस कर्मियों को आवास बनाने के लिए 700 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। वहीं पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए भी पिछली बार से ज्यादा रकम दी गई है। पुलिस विभाग के बजट में 7238 करोड़ रुपये का इज़ाफा किया गया है। पिछली बार की तुलना में यह बढ़ोतरी 42.24 फीसदी है।

- 36 नए थानों के निर्माण, पुलिस कर्मियों और पीएसी के प्रशिक्षण में विस्तार के साथ ही पुलिस बैरक के निर्माण के लिए 700 करोड़.

- पुलिस में टाइप-ए एवं टाइप बी के अवासीय भवनों के लिए 700 करोड़.

- नए सृजित जिलों अमरोहा, औरैया, संभल, हापुड़, चंदौली, शामली, अमेठी में सात पुलिस लाइनों के निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये .

- 57 फायर स्टेशनों पर आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यस्वस्था की गई है।.

-पीएसी की तीन महिला बटालियनों को लखनऊ, गोरखपर और बदायूं में स्थापित किया जाएगा।.

-छह जिलों कासगंज, बलरामपुर, फिरोज़ाबाद, हमीरपुर, कानपुर देहात और कन्नौज कारागारों में ट्रैक्टर व कृषि उपकरणों की व्यवस्था के लिए 60 लाख रुपये का इंतजाम किया गया है।.

-इसके अलावा प्रदेश में राज्य आपदा रिस्पांस फोर्स की तीन नई बटालियनें बनाई जाएंगी।.

- 700 करोड़ पुलिस आवास के लिए.

- 700 करोड़ पुलिस के कार्यालय के लिए.

- 200 करोड़ फायर सर्विस के भवनों के लिए.

- 400 करोड़ पुलिस लाइन निर्माण के लिए.