उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बॉडर पर नागल और गागलहेड़ी क्षेत्र में बारह लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जन भर की हालत गंभीर बनी हुई है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि सभी की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। लापरवाही बरतने के आरोप में रूड़की में तैनात आबकारी विभाग के तीन इंस्पेक्टर समेत तेरह कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

पहली घटना नागल थाना क्षेत्र के गांव माही की है। वहां का रहने वाला दिव्यांग पिंटू अवैध रूप से शराब की बिक्री करता है। प्रतिदिन की तरह गुरुवार की रात को भी गांव के तमाम लोग उससे शराब लेकर गए। पीने के बाद रात को करीब दो बजे लोगों की तबियत खराब हो गई। सुबह करीब नौ बजते ही लाशें बिछना शुरू हो गई। शराब बेचने वाले पिंटू (40), राजू (50), इमरान (50), कुंवरपाल (35), अरविंद (35) की मौत हो गई। जबकि नागल से सटे इलाके गागलहेड़ी के गांव सरबतपुर में भी तीन लोगों के मरने की खबर है। इसके साथ ही गांव माली में भी दो लोगों के मरने की खबर है। 
एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि पिंटू की दुकान से इन लोगों ने कच्ची शराब खरीदी दी थी। जबकि गांगलहेड़ी के लोग सीमा से सटे उत्तराखंड के गांव बालूपुर से लाए थे। हादसे के बाद लखनऊ तक खलबली मच गई। सीएम ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। शराब पीकर मरने वालों को डीएम ने की 2-2 लाख देने की घोषणा। वहीं गम्भीर हालत वालों को 50-50 हजार दिए जाएंगे।