भोपाल। नोएडा में गुरुवार को जबरदस्त ओलावृष्टि से लोग हतप्रभ रह गए। वहां के अधिकांश इलाके ओले से पट गए। लेकिन अचानक हुई इस ओलावृष्टि से मप्र में मौसम के मिजाज में फिलहाल बदलाव के आसार नहीं हैं।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जब तक प्रदेश में उत्तरी हवा का दखल नहीं होगा रात के तापमान में अधिक गिरावट नहीं होगी। उधर उत्तरी राजस्थान पर बने प्रेरित चक्रवात के कारण राजधानी सहत प्रदेश के कई स्थानों पर बरसात हुई। इससे वातावरण में ठंडक घुल गई। साथ ही गुरुवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इसी क्रम में गुरुवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो कि बुधवार (30.8) के मुकाबले 4.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी प्रदेश के उत्तरी क्षेत्रों में बरसात की संभावना बनी हुई है। मौसम साफ होने के बाद शनिवार से एक बार फिर ठंड बढ़ने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पिछले राजधानी में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को नए शहर में तेज बौछारें पड़ीं। इसके अलावा दतिया, ग्वालियर, गुना, टीकमगढ़, नौगांव, सागर, जबलपुर, दमोह में भी बरसात हुई। भोपाल में गुरुवार को दिन में करीब 30 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। जिसके चलते दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई।

मौसम विज्ञानी बीके साहा ने बताया कि उत्तरी राजस्थान पर बना प्रेरित चक्रवात कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है। साथ ही इस सिस्टम से लेकर पूर्वी मप्र तक एक द्रोणिका लाइन (ट्रफ) बना हुआ है। इस वजह से ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा संभाग में कहीं-कहीं बरसात की संभावना बनी हुई है। साहा के मुताबिक भोपाल, इंदौर में शुक्रवार सुबह हल्का कोहरा छाने के आसार हैं। दो दिन बाद मौसम साफ होने से ठंड में कुछ इजाफा हो सकता है।
हवा का रुख बदलने पर गिरेगा पारा

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि नोएडा में हुई ओलावृष्टि का असर नोएडा और उसके आसपास हो सकता है। लेकिन फिलहाल उसका प्रभाव मप्र में देखने में नहीं आएगा। इसकी वजह वर्तमान में हवा का रुख दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी बना हुआ है। जब तक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में सक्रिय है,तब तक हवा का रुख उत्तरी नहीं होता है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के बाद ही हवा का रुख बदलेगा। इससे करीब 2 दिन बाद मप्र में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।
गुरुवार को चार महानगरों का तापमान

शहर अधिकतम न्यूनतम
भोपाल 26.4 16.4

इंदौर 24.0 13.0
ग्वालियर 24.4 14.3

जबलपुर 28.1 18.0