भोपाल । भोज मुक्त विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर कोर्स के अध्ययन पर रोक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने लगा दी है। रोक लगाई कोर्सों की संख्या 26 बताई जा रही है। इसलिए अब विवि को विद्यार्थियों के करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए फीस के रूप में वापस करने होंगे। यह उन छात्रों की होगी जिन्होंने सत्र 2018-19 विवि में प्रवेश लिया था। सूत्रों की माने तो विवि में करीब 40 कोर्स में पीजी है। इसमें मापदंड के मुताबिक फैकल्टी मौजूद नहीं हैं। भोज में करीब आधा दर्जन प्रोफेसर हैं। विवि के 26 कोर्स बंद होने से इनमें प्रवेशित लगभग 20 हजार विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। प्रोफेसरों के अभाव में यूजीसी ने भोज के सभी पीजी कोर्स को बंद करने का निर्णय लिया है। कोर्स बंद होने से विवि को विद्यार्थियों की फीस वापस करनी होगी। इसे लेकर विवि ने यूजीसी में कोर्स को बंद न करने की लिए अपील की थी, लेकिन यूजीसी ने खारिज कर दिया। विवि को प्रत्येक विद्यार्थी द्वारा फीस के तौर पर लिए गए डेढ़ से ढ़ाई हजार रुपए वापस करने होंगे। यूजीसी ने विवि को मान्यता लेने के लिए 60 दिन का समय दिया था।
     हालांकि विवि प्रतिनियुक्ति के माध्यम से फैकल्टी के खाली पदों को भरने का प्रयास में जुटा था, लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाई। यूजीसी के मापदंडों के मुताबिक हर कोर्स में तीन प्रोफेसर के हिसाब से विवि में करीब 120 फैकल्टी की जरूरत थी, लेकिन अभी वर्तमान में सिर्फ आधा दर्जन प्रोफेसर हैं। विवि का कहना है कि विद्यार्थियों को विकल्प भी उपलब्ध करा रहा है। जिसमें एमएससी के छात्र एमएससी जूलॉजी ले सकते हैं। वहीं पीजी के छात्र डिप्लोमा कोर्सेज कर सकते हैं। लेकिन विद्यार्थी इससे मानने को तैयार नहीं हैं। जो कोर्स बंद किए गए हैं उनमें एमबीए प्रथम वर्ष, एमसीए प्रथम वर्ष, एम लिस, बी लिस, एमबीए (एम एम) प्रथम वर्ष, एमएसडब्ल्यू पूर्वार्द्घ, एमएससी(कम्प्यूटर साइंस) पूर्वार्द्घ, एमएससी वनस्पतिशास्त्र पूर्वार्द्घ, एमएससी रसायनशास्त्र पूर्वार्द्घ, एमएससी गणित पूर्वार्द्घ, एमएससी भौतिक पूर्वार्द्घ, एमए (एआईएचसीए) पूर्वार्द्घ, एमए अंग्रेजी पूर्वार्द्घ, एम अर्थशास्त्र पूर्वार्द्घ, एमए हिन्दी पूर्वार्द्घ, एमए इतिहास पूर्वार्द्घ, एमए राजनीतिशास्त्र पूर्वार्द्घ, एमए संस्कृत पूर्वार्द्घ, एमए भूगोल पूर्वार्द्घ, एमकॉम लेखा पूर्वार्द्घ, एमकॉम प्रबंधन पूर्वार्द्घ, बीजीएमसी, एमजेएमसी पूर्वार्द्घ, बीसीए प्रथम वर्ष, बीबीए प्रथम वर्ष के कोर्स शामिल है। इस बार में भोज विवि के रजिस्ट्रार अरुण चौहान का कहना है कि विवि ने यूजीसी में अपील की थी, लेकिन खारिज कर दी गई। सत्र 2018-19 के 26 कोर्स बंद कर दिए गए। जिससे विद्यार्थियों को फीस लौटानी होगी।