भोपाल । टीटी नगर वृत्त के अधिकारियों ने कमर्शियल आधार पर आशिमा मॉल संचालक को एक करोड़ रुपए डायवर्सन शुल्क जमा करने का आदेश दिया है। इधर, इस आदेश के विरुद्घ आशिमा मॉल संचालक एसडीएम के खिलाफ अपर कलेक्टर कोर्ट में पहुंच गए। गुरुवार को एडीएम कोर्ट में अपील दायर की गई है, जब मामला अपील में आया तो मॉल संचालक तत्काल एडीएम के पास पहुंच गए और डायवर्सन शुल्क के रूप दो लाख जमा करने की बात कही। इस पर एडीएम ने दो टूक जवाब दिया कि आप पर जितना बकाया है, उतना जमा कीजिए, इसके बाद सुनवाई होगी। हालांकि, उन्होंने यहां तक कहा कि पूरा माल कमर्शियल है और अब तक आप आवासीय के हिसाब से डायवर्सन शुल्क जमा करा रहे हैं, यह गलत है। खास बात यह है कि एडीएम कोर्ट में इस मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।  टीटी नगर वृत्त के अधिकारी ने आशिमा मॉल के संचालक को एक करोड़ रुपए के डायवर्सन शुल्क की वसूली का नोटिस थमा दिया है।
     बता दें कि यह मुद्दा राजस्व अधिकारी की एक बैठक में उठ चुका है। कलेक्टर ने मॉल संचालक को नोटिस देने की अनमुति दे दी। बता दें कि राजधानी के कई क्षेत्रों में आवासीय जमीन पर कमर्शियल मॉल बने हुए हैं। इनमें से ही होशंगाबाद रोड स्थित आशिमा मॉल भी शामिल है। मॉल संचालक वर्तमान में आवासीय जमीन का डायवर्सन शुल्क जमा कर रहे हैं, लेकिन टीएंडसीपी से लेकर राजस्व रिकार्ड में पूरा मॉल कमर्शियल बताया गया है। आशिमा मॉल 1.8 एकड़ भूमि पर बना है। खसरा रिकार्ड में यह जमीन आवासीय दर्ज है। जब मॉल बन रहा था और जमीन कम पड़ रही थी, उस दौरान गणेश नगर के कुछ प्लॉट खरीदकर मॉल को पूरा किया गया।