वाशिंगटन : शीत युद्ध के समय की रूस के साथ हुई महत्वपूर्ण परमाणु हथियार संधि से अमेरिका के हटने के बाद हथियारों की नई दौड़ शुरू होने के साथ ही अमेरिका को अपने परमाणु हथियारों के जखीरे के आधुनिकीकरण का भी मौका मिल जाएगा. अमेरिका सार्वजनिक तौर पर वर्षों से हथियारों के आधुनिकीकरण की बातें कर रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि अमेरिका ‘मध्यम दूरी की मारक क्षमता वाली परमाणु बल संधि’ (आईएनएफ) की बाध्यताओं से शनिवार को स्वयं को मुक्त कर रहा है. इससे छह माह में बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है.
नाटो ने इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिका के सहयोगी देश संधि से हटने के फैसले में उसके साथ हैं और इस बात पर सहमत हैं कि रूस का 9एम729 क्रूज मिसाइल तंत्र आईएनएफ का उल्लंघन है.
अमेरिका की घोषणा के एक दिन बाद शनिवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ठीक वैसा ही रुख अपनाते हुए कहा कि उनका देश भी इस प्रमुख संधि में अपनी भागीदारी को स्थगित कर रहा है. गौरतलब है कि अमेरिका लंबे समय से रूस पर हथियार संधि का उल्लंघन करने का आरोप लगाता रहा है. और अब वह अपने जखीरे को आधुनिक बनाने के बारे में खुलेआम घोषणाएं कर रहा है.