गरियाबंद स्थित उदंती अभ्यारण्य के एसडीओ आर.पी. दुबे को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. एसीबी ने वन विभाग के ठेकेदार यशवंत साहू और दीपक ध्रुव की शिकायत पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया.


मामले में यशवंत साहू ने जो बताया वह हैरान करने वाला है. यशवंत ने विभाग की पोल खोलते हुए बताया कि विभाग में काम करने के बाद बिल पास कराने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन निर्धारित किया हुआ है. उन्होंने तय रकम एसडीओ को दे दी थी, लेकिन उसके बाद भी एसडीओ ने बिल पास नहीं किया और ढाई लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की. यशवंत ने बताया कि एसडीओ आरपी दुबे की मांग पर 50 हजार रुपए और दे दिए. इसके बाद भी एसडीओ ने बिल पास नहीं कि. और पूरे ढाई लाख रुपए लेने की जिद पर अड़ गए. उन्होंने बताया कि विभाग में बिना लेन-देन कोई भी काम नहीं करवा सकता.


बिल पास करने से लेकर काम करने तक की कार्यप्रणाली रुपयों से ही चलती है. उदंती अभ्यारण्य में जुगाड़ मुख्यमार्ग से जुगाड़ बस्ती तक 4.3 किलोमीटर सड़क की दो चरणों में मरम्मत होनी थी. मजदूर पदमराम की माने तो यह काम कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांग पर ग्राम पंचायत के माध्यम से मनरेगा के तहत करना स्वीकृत किया, लेकिन वन विभाग ने अभ्यारण्य क्षेत्र होने का हवाला देकर काम अपने अधीन ले लिया. विभाग ने बिना टेंडर निकाले सड़क का काम मशीनों ने करवा दिया. इस काम में गांव के मजदूरों को भुगतान नहीं किया गया, जबकि ठेकेदारों के बिल पास हो गए.